महिला आरक्षण पर राहुल को बीजेपी का जवाब

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कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लिखा पत्र, कहा महिला आरक्षण कहा महिला अधिकारों के मामले में नहीं होना चाहिए दोहरा मापदंड। तीन तलाक और निकाह हलाला जैसे मसलों पर मिलकर कानून बनाने के लिए मांगा समर्थन

महिला आरक्षण के मसले पर भाजपा को घेरने की कांग्रेस की कोशिशों पर सरकार की तरफ से कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पलटवार किया। रविशंकर प्रसाद ने महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार को लिखे खत का जवाब देते हुए कांग्रेस को याद दिलाया कि महिला आरक्षण बिल की बात सबसे पहले अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में बनी एनडीए सरकार ने ही की थी जबकि कांग्रेस ने इस बिल को लटकाए रखा साथ ही कानून मंत्री ने राहुल गांधी से अपील की महिला अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस तीन तलाक और निकाह हलाला जैसे मुद्दों पर भी सरकार के साथ मिलकर काम करें ताकि मुस्लिम महिलाओँ को इंसाफ मिले।

संसद का मानसून सत्र शुरु होने से पहले ही महिला आरक्षण का मसला एक बार फिर से गरमा गया है। इस मुद्दे पर सरकार को समर्थन के राहुल गांधी के पत्र के जवाब में कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पत्र लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष को जवाब दिया है ।

उन्होंने महिला आरक्षण पर राहुल गांधी को पत्र लिखकर उनके समर्थन की सराहना की लेकिन उनसे सवाल किया कि पार्टी महिलाओं के अधिकारों के मसले पर समग्र रुख अपनाने की बजाए चुनिंदा रुख क्यों अपना रही है । उन्होंने अपील की है कि दोनों दलों को मिलकर तीन तलाक और निकाह हलाला पर भी कानून बनाना चाहिए ।

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रविशंकर का कहना है कि महिला आरक्षण बिल लाने की पहल सबसे पहले एनडीए सरकार ने ही की थी। अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने दो बार बिल पेश किया लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण यह बिल पास नहीं हो सका । 2010 में राज्यसभा से पास हो गया था लेकिन सपा, बसपा और आरजेडी का विरोध और कोटे के भीतर कोटे की मांग के चलते ये बिल लोकसभा से पास नहीं हो पाया। रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस से पूछा कि राज्यसभा में बिल पास होने के बाद भी 3 सालो तक यूपीए ने इस बिल को लोकसभा में पास क्यो नही कराया।

पत्र में पूछा गया है कि क्या राहुल गांधी ने इस मसले पर सहयोगी दलों से बात की है। रविशंकर प्रसाद ने खत में ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के मसले पर भी कांग्रेस से सहयोग मांगा है। इस बीच बीजेपी ने राहुल गांधी के ‘मैं कांग्रेस हूं’ वाले ट्वीट को लेकर भी उन पर हमला बोला है। बीजेपी ने कहा कि ये ट्वीट कांग्रेस के मुस्लिम परस्त पार्टी होने संबंधी उनके कथित बयान की स्वीकारोक्ति है।

बीजेपी ने ये भी आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष पाकिस्तान के संस्थापक एम ए जिन्ना की विरासत के लिये एआईएमआईएम अध्यक्ष असादुद्दीन ओवैसी से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कथित तौर पर एक कार्यक्रम में कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है । इसके बाद से ही बीजेपी लगातार राहुल गांधी को निशाना बना रही है।