खुले में शौच से मुक्ति हमारा संकल्प श्री भार्गव
जबलपुर | प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा है कि सरकार प्रदेश को खुले में शौच से मुक्ति दिलाने के लिए पूरी तरह संकल्पित है। इसके लिए सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। 
   श्री भार्गव आज यहां होटल नर्मदा जैक्सन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत आयोजित कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में उद्बोधन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्ति हमारे संस्कारों व प्रतिष्ठा से जुड़ा हुआ मसला है। इस अभियान को हमें और अधिक प्रभावी बनाना होगा। इसके लिए जरूरी है कि लोगों की सोच में बदलाव लाने के लिए गंभीर प्रयास किए जाएं। सभी कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से यह अपेक्षित है कि वे ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्ति) की कामयाबी के लिए सजग और गंभीर रहें और आने वाले समय में प्रदेश को खुले में शौच से पूरी तरह मुक्ति दिलाने के लिए निरन्तर प्रयास करें। इन प्रयासों में राज्य सरकार पूरी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह जरूरी है कि प्रशासनिक अधिकारी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पुरजोर प्रयास करें। 
   श्री भार्गव ने कहा कि स्मार्ट शहर और ग्राम बनाने के लिए यह आवश्यक है कि लोग अपनी सोच और आचरण को भी स्मार्ट बनाएं। ओडीएफ के अन्तर्गत अच्छा प्रदर्शन करने वाले बधाई के पात्र हैं। राज्य सरकार ओडीएफ कार्यक्रम के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की हौसला अफजाई के लिए आवश्यक पहल करने पर भी विचार कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार अपने अधिकारियों पर पूरा भरोसा रखती है और हमें विश्वास है कि हमारे अधिकारी लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब रहेंगे। जरूरी होने पर योजना सम्बन्धी नियमों में भी बदलाव किया जा सकेगा। यह जरूरी है कि ओडीएफ कार्यक्रम की कामयाबी के लिए प्रशासनिक अधिकारी जमीनी स्तर पर कार्य करें और लोगों के चिंतन को सकारात्मक बनाएं। बच्चों को प्रेरित करना भी एक कारगर कदम साबित हो सकता है क्योंकि नन्हें बच्चों के आग्रह को टालना किसी भी माता-पिता के लिए आसान नहीं होगा। श्री भार्गव ने अपने उद्बोधन में प्रदेश के सीहोर जिले की इछावर तहसील की ग्राम पंचायत में एक व्यक्ति द्वारा अपने संसाधनों से सौ शौचालयों के निर्माण का जिक्र करते हुए कहा कि इस पहल को स्वयं प्रधानमंत्री ने सराहा है। उन्होंने ओडीएफ के अन्तर्गत खुले में शौच से मुक्ति पाने वाले प्रदेश के प्रथम विकासखण्डों नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा ब्लॉक एवं सीहोर जिले के बुधनी ब्लॉक का भी उल्लेख किया। 
   इस मौके पर मुख्य अतिथि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत् शुभारंभ किया। आयोजन के उद्घाटन सत्र में कमिश्नर श्री गुलशन बामरा ने कहा कि देश में गरीबी, गंदगी और असमानता की स्थितियों में सुधार लाना समय की आवश्यकता है। विशेष रूप से हमें सबसे पहले गंदगी से निजात पाने की दिशा में कदम उठाने होंगे। समाज की दशा और दिशा में परिवर्तन लाने में अधिकारियों का योगदान निश्चय ही महत्वपूर्ण साबित होगा। आईएएस अफसरों को अपनी तमाम व्यस्ताओं के बावजूद आम लोगों को शौचालय के उपयोग के लिए प्रेरित करने की ईमानदार कोशिश करनी होगी। व्याप्त गंदगी को एक चुनौती के रूप में लेना होगा और इससे मुक्ति प्राप्त करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। 
   कार्यक्रम में स्वच्छ भारत मिशन की राज्य कार्यक्रम अधिकारी हेमवती बर्मन ने कहा कि कार्यशाला मुख्यत: एक-दूसरे से सीखने और विचारों का आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए आयोजित की गई है। उन्होंने सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए मध्यप्रदेश में मिशन के तहत अब तक हासिल उपलब्धियों पर भी प्रकाश डाला। श्रीमती बर्मन ने स्वच्छ भारत मिशन के अन्तर्गत उठाए गए कदमों और आने वाले समय में की जाने वाली पहल का भी ब्यौरा दिया। भारत सरकार के सचिव पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय श्री परमेश्वर अय्यर भी दिल्ली से स्काईपे के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। क्षेत्रीय प्रबंधक वाटरएड भोपाल वीनू अरिकल और संभाग के नरसिंहपुर जिले के पूर्व सीईओ जिला पंचायत श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, सीईओ फीडबैक फाउंडेशन अजय सिन्हा और वाटरएड नई दिल्ली के नित्य जैकब ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मनोरमा पटेल, यूनिसेफ के श्री सुजॉय मजुमदार तथा उप संचालक श्री राकेश गौतम भी मौजूद थे। स्वागत भाषण डॉ बी.एस. बिष्ट ने दिया। कार्यक्रम में सागर, रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग के विभिन्न जिलों के कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन उपायुक्त स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) श्री अजित तिवारी ने किया। 
   कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री भार्गव ने उपस्थित समस्त अधिकारियों को स्वच्छता सम्बन्धी शपथ भी दिलाई। समापन के अवसर पर कन्सलटेंट डॉ ए.के. मिश्रा ने अतिथियों का आभार माना।