अधिकारी-कर्मचारियों की मेहनत और कर्मठता से ही सिंहस्थ सफल हुआ
भोपाल : मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सिंहस्थ-2016 का सफल आयोजन जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों की मेहनत और कर्मठता से संभव हुआ है। पूरी दुनिया इस आयोजन को आश्चर्य के साथ देख रही थी। एक माह में आठ करोड़ लोगों का एक स्थान पर आना केवल भारत में ही संभव हो सकता है। श्रद्धा, आस्था और विश्वास के बूते ही अधिकारी-कर्मचारियों ने यह कर दिखाया है। मुख्यमंत्री ने आज विशेष रूप से उज्जैन आकर अधिकारी-कर्मचारियों का आभार माना गया। उन्होंने निरंजनी अखाड़े की छावनी में आयोजित कार्यक्रम में सिंहस्थ में तैनात अधिकारी-कम्रचारियों का आभार माना व सम्मानित किया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री पारस जैन, सिंहस्थ केन्द्रीय समिति अध्यक्ष श्री माखनसिंह, राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण अध्यक्ष श्री दिवाकर नातू, जिले के विधायकगण, महापौर, नगर निगम अध्यक्ष, उज्जैन विकास प्राधिकरण अध्यक्ष, संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मेला अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ में सफल क्राउड मैनेजमेंट का दुनिया के कई देशों की टीमों ने अध्ययन किया है। इसमें कई रिकार्ड बने हैं। सिंहस्थ के दौरान आये आँधी-तूफान में भी प्रशासनिक अमले ने अपनी निजी जिम्मेदारी समझकर सभी व्यवस्थाएँ सम्पादित कीं। इस दौरान अमला 20-20 घंटे तक नींद नहीं ले सका। सफल सिंहस्थ उज्जैन के लोगों के पुण्यायी, महाकाल की कृपा और अमले की कर्मठता के कारण हो सका है। सिंहस्थ में इतनी पुख्ता व्यवस्थाएँ की गईं कि कोई प्यासा नहीं रहा, व्यवस्थित सफाई हुई। मैं सिंहस्थ के दौरान एक सेवक की तरह उज्जैन आया। मेरा बार-बार उज्जैन आगमन श्रद्धा से ओतप्रोत मेरी अन्तर्रात्मा की आवाज थी।
मुख्यमंत्री ने हाल ही में अपनी असम यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ भी सभी लोग मुझे सिंहस्थ के सफल आयोजन की बधाई दे रहे थे। इसके साथ ही मेरे पास सभी वर्गों के व्यक्तियों के फोन आये, जो सफल सिंहस्थ की बधाई दे रहे थे। यह सफलता टीम मध्य प्रदेश की सफलता है। इसका श्रेय सबको जाता है। इसके साथ ही मैं अपने मुख्यमंत्रित्वकाल में सिंहस्थ का आयोजन करवा कर धन्य हो गया हूँ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि सिंहस्थ में ड्यूटी करने वाले सभी अधिकारी-कर्मचारियों को पाँच-पाँच हजार रूपये सम्मान-निधि दी जायेगी। आगामी 15 अगस्त को मेडल तथा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने जन-प्रतिनिधियों के साथ ही संभागायुक्त, आईजी, कलेक्टर, एसपी, मेला अधिकारी को स्मृति-चिन्ह दिये। मुख्यमंत्री को भी स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा अधिकारियों द्वारा स्मृति चिन्ह दिया गया। मुख्यमंत्री का सभी के साथ फोटो सेशन हुआ।
सिंहस्थ में बने 4 वर्ल्ड रिकार्ड
कार्यक्रम में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड द्वारा सिंहस्थ-2016 में बनें चार वर्ल्ड रिकार्ड के प्रमाण-पत्र प्रदान किये गये। इनमें एक ही स्थान पर एकसाथ 5595 लोगों द्वारा सफाई करके ‘मोस्ट नम्बर ऑफ पीपुल्स स्वीपिंग वर्ल्ड रिकार्ड’, 21 मई के स्नान के सन्दर्भ में दुनिया में किसी एक नदी पर सर्वाधिक संख्या में लोगों द्वारा एक दिवस में स्नान करने का वर्ल्ड रिकार्ड, पंचक्रोशी यात्रा सम्बन्धी किसी एक धार्मिक समूह द्वारा 13 लाख से अधिक की संख्या में 118 किलो मीटर लम्बी यात्रा करने का वर्ल्ड रिकार्ड तथा सर्वाधिक संख्या में किसी एक स्थान पर वाईफाई द्वारा मुफ्त इंटरनेट सुविधा प्राप्त करने का रिकार्ड शामिल है। गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड संस्था के प्रतिनिधि डॉ.मनीष बिष्नोई ने बताया कि संस्था सभी स्त्रोतों से इस आंकड़े की पुष्टि कर स्नान सम्बन्धी अन्तिम रूप से प्रमाण-पत्र प्रदान करेगी। इस संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।