मनरेगा से पहाडियां होगी हरी-भरी, वर्षा जल का होगा संरक्षण
डिंडोरी | जनपद पंचायत-समनापुर जिला-डिण्डौरी में रेस्ट हाउस के समीप स्थित पहाडी को मनरेगा से वृक्षारोपण करके हरा-भरा किया जावेगा। इस पहाडी में वर्षा जल संरक्षण के प्रयास भी किए जायेगें इसके लिए कन्टूर ट्रंच बनाया जावेगा। बरसात का पानी कन्टूर ट्रंच के माध्यम से व्यर्थ में न बहकर सीधें जमीन के अन्दर चला जावेगा। इससे भूमि का जल-स्तर बढेगा और लोगों को कम भू-जल स्तर पर ही भरपूर पानी मिलेगा। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी श्री रोहित सिंह ने पहाडी मे कन्टूर ट्रंच एवं वृक्षारोपण के कार्य को पूरा करने को कहा है। इसी प्रकार से जनपद पंचायत समनापुर के ग्राम पंचायतों की पहाडियों मे वृक्षारोपण करके उन्हे हरा-भरा किया जावेगा और कन्टूर ट्रंच भी बनाया जावेगा। उन्होने जनपद पंचायत समनापुर के सभी ग्राम-पंचायतों मे ऐसी पहाडियों को चिहिन्त करने के निर्देश दिए है। उपयंत्रियों को ग्राम पंचायतों की ऐसी पहाडियों को चिहिन्त कर वृक्षारोपण एवं कन्टूर ट्रंच बनाने के लिए प्राक्कलन बनाकर प्रस्तुत करना होगा है। 
ग्राम पंचायतों में चलेगा अभियान:-
      जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने उपयंत्रियों को निर्देश दिए कि पहाडियों में कन्टूर ट्रंच एवं वृक्षारोपण के लिए प्राक्कलन बनाकर प्रस्तुत करें। पहाडियों मे माह अप्रैल एवं मई महीने में कन्टूर ट्रंच का कार्य प्रारम्भ किया जावेगा और जून महीने में पहाडियों मे वृक्षारोपण कर इन पहाडियों को हरा-भरा किया जावेगा। जनपद पंचायत समनापुर के अंतर्गत ऐसी दर्जनों पहाडियों का चयन कर लिया गया है। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ पूरा करने को कहा है। जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी ने उपयंत्रियों को सख्त निर्देश दिए कि इस कार्य मे लापरवाही बरतने पर सख्ती से कार्यवाही की जावेगी। मनरेगा के अंतर्गत कन्टूर ट्रंच बनाने से ग्राम पंचायत में जाब-कार्ड धारियों को रोजगार मिलेगा और बरसात का पानी कन्टूर ट्रंच के माध्यम से सीधे जमीन के अन्दर चला जावेगा। इससे भूमि का जल-स्तर बढ जावेगा। इससे लोगों को आसानी से पेयजल एवं निस्तार के लिए पानी उपलब्ध होगा। किसानो को लम्बे समय तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा। इसमें वृक्षारोपण का भी प्रावधान रखा गया है। वृक्षारोपण होने से ग्राम पंचायतों की जो पहाडियॉ अभी वीरान नजर आती है, वह पहाडियॉ हरी-भरी हो जावेगी।