NGO पर CMO की मेहरबानी, 50 लाख रुपए की चपत
उमरिया। मप्र के जिला उमरिया नगर पालिका में बीपीएल हितग्राहियों को प्रशिक्षण एवं रोजगार दिलाने के नाम पर 50 लाख रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। वहीं आरटीआई से मिले दस्तावेजों के आधार पर सीएमओ की भूमिका सवालों के घेरे में नजर आ रही है।
जानकारी के अनुसार मामला बीते साल 2015 का है। जिसमें राष्ट्रीय शहरी विकास मद की रकम से शहर के बीपीएल परिवारों को रोजगार मूलक प्रशिक्षण देने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की योजना चलाई गई थी । जिसके तहत ‘ममता’ नामक एक एनजीओ को पचास लाख रुपए का भुगतान किया गया था, लेकिन सूचना के अधिकार से मिले दस्तावेज और उसमें शामिल गरीब परिवार इससे किसी भी रूप में मेल नहीं खा रहे हैं।
उधर,आरटीआई कार्यकर्ता राकेश दर्दवंशी का आरोप है कि सिर्फ कागजी घोड़े दौड़ाये गए और असल में उन्हें प्रशिक्षण नहीं दिया गया। जिनके नाम कागजी हिसाब बनाकर पचास लाख रुपए हजम कर लिए गए।
नगरपालिका के सीएमओ अनिल दुबे के हस्ताक्षर से न सिर्फ पूरी कागजी औपचारिकता पूरी कराई गई, बल्कि चेक के जरिए एनजीओ को भुगतान भी करा दिया गया।
सच सामने आने पर आरटीआई कार्यकर्ता राकेश दर्दवंशी ने जिला प्रशासन से लेकर पुलिस तक शिकायत की और आंदोलन की चेतावनी भी दी है, लेकिन अब तक कोई जांच शुरू नहीं की गई है।
उधर, इस बारे में सीएमओ का कहना है कि ये आरोप सच नहीं हैं। सभी हितग्राहियों को प्रशिक्षण के बाद ही भुगतान किया गया है।