ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पहला सफल परीक्षण

इस ख़बर को शेयर करें:

भारत ने सोमवार को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का पहला सफल परीक्षण किया. परीक्षण का उद्देश्य इस मिसाइल की कार्य अवधि को 10 से 15 वर्षों तक बढ़ाना था. यह मिसाइल भारत-रूस के साझा उपक्रम से तैयार की गई है. रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने बालासोर में आईटीआर से किए गए सफल परीक्षण के लिए टीम ब्रह्मोस और डीआरडीओ को बधाई दी है.

भारतीय सेना ने अपने शस्त्रागार में ब्रह्मोस की तीन रेजिमेंट को पहले ही शामिल कर लिया है. सभी मिसाइल के ब्लॉक-III संस्करण से लैस हैं. मिसाइल की खासियत है कि इस चलाने देने के बाद यह खुद-ब-खुद ऊपर और नीचे की उड़ान भरकर जमीन के लक्ष्यों को भेदने में सक्षम है. इस तरह यह दुश्मन के वायु रक्षा प्रणालियों से बच निकलती है.