नहीं बिक सकेंगी बीएस-3 मानकों की गाड़ियां

देशभर में प्रदूषण को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया जिसके तहत 1 अप्रैल 2017 से ऑटो निर्माता कंपनियां बीएस-3 गाड़ियां नहीं बेच पाएंगी। सुप्रीम कोर्ट ने भारत स्टेज-4 (बीएस-फोर) उत्सर्जन मानकों का पालन न करने वाले वाहनों की बिक्री और पंजीकरण पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने बीएस-थ्री उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की बिक्री की अनुमति संबंधी अनुरोध कल ठुकरा दिया।

शीर्ष अदालत ने कहा कि एक अप्रैल से बीएस-थ्री उत्सर्जन मानक वाले वाहनों का न तो पंजीकरण होगा, न ही बिक्री। कोर्ट ने कहा कि आटोमोबिल निर्माताओँ के कारोबारी हितों से कहीं ज़रुरी लोगों की सेहत है। बीएस-3 के मुकाबले बीएस-4 मानक का ईंधन तैयार करने पर तेल कंपनियों को पेट्रोल पर प्रति लीटर 41 पैसे अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगें। इसी तरह डीजल की रिफाइनरी लागत भी 26 पैसे बढ़ जाएगी।

कोर्ट के इस फैसले से कंपनियों को काफी नुकसान हुआ है। स्टॉक में करीब 8.2 लाख गाडियां हैं। कोर्ट ने कहा कि कंपनियों को पता था कि 1 अप्रैल से BS 4 गाडियां ही बेची जा सकेंगी, इसके बावजूद कंपनियों ने स्टाक खत्म नहीं किया।