बजट-2017 से उम्मीदें

बजट सत्र की शुरुआत के साथ ही बजट का काउंटडाउन शुरू हो गया है और इसके साथ ही आम जनता से लेकर के कॉरपोरेट सेक्टर तक सभी की उम्मीदें भी काफी बढ़ गई हैं।
इस बार बजट में इनकम टैक्स और कॉरपोरेट टैक्स में राहत की उम्मीद की जा रही है। बजट को लेकर लोगों की भी उम्मीद है कि सरकार इनकम टैक्स की छूट जो कि अभी ढाई लाख रुपये है, उसे बढ़ाकर तीन लाख से साढ़े तीन लाख रुपये के बीच करे। साथ ही होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट को लेकर भी लोगों को ख़ासी उम्मीद है।

छोटे कारोबारियों खासकर एमएसएमई सेक्‍टर को इस बजट से ख़ासी उम्मीदें हैं। एमएसएमई सेक्टर को उम्मीद है कि 5 करोड़ रुपये के टर्नओवर वाले कारोबारियों को सेंट्रल जीएसटी से छूट दी जाए। साथ ही मंथली रिटर्न की बजाय साल की एक रिटर्न भरने की व्‍यवस्‍था की जाए। सरकार को अगर मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है, तो उसे तय करना होगा कि छोटे कारोबारियों को आसानी से कर्ज मिले और वे अपनी मैन्‍युफैक्‍चरिंग एक्टिविटी बढ़ा सकें।

वहीं सरकार का फोकस लेसकैश लेन-देन को बढ़ावा देने पर भी रह सकता है। डिजिटल ट्रांजेक्शन करने पर हो सकता है कि इस बजट में रियायतों को और भी बढ़ावा दिया जाए। साथ ही डिजिटल क्षेत्र को भी बजट से उम्मीद है कि इंटरनेट और ब्रॉडब्रैंड के विस्तार और अन्य दूरसंचार संबंधी बुनियादी ढांचे में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ज़रूरी कदम उठाए जाएं।

अच्छे मानूसन और समय पर हुई बुआई से कृषि उत्पाद में वृद्धि की संभावना है, जिससे कृषि क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा रहने का अनुमान है। इस बजट से भी कृषि क्षेत्र को ख़ासी उम्मीदें हैं। आम बजट से युवाओं को भी बहुत सारी उम्मीदें हैं। युवाओं को इस साल के बजट से किफायती फीस और रोजगार की आस है।

फिलहाल देश की 48% आबादी 29 वर्ष से नीचे की है। भारत अगले तीन वर्षो में विश्व के कुल श्रमबल का 20 % होने जा रहा है। इसका मतलब साफ है कि सरकार का फोकस मेक इन इंडिया और स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रमों पर रहेगा। उम्मीदों की फेहरिस्त काफी लंबी है लेकिन वित्त मंत्री के पिटारे से क्या निकलता है इसके लिए बजट का इंतजार करना होगा।