जबलपुर : बस ऑपरेटर संघ ने प्रशासन के सामने रखी ये मांग, सरकार ने 20 अगस्त से शुरू किया बसों का संचलन

जबलपुर। कोरोना काल में पूरे प्रदेश के बसों का संचालन लगभग बंद पड़ा हुआ है। करीब 5 माह बीत जाने के बाद भी बस चलेंगी या नहीं इस पर किसी भी तरह से स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है।

हालांकि राज्य सरकार ने एडवाइजरी जारी कर 20 अगस्त से प्रदेश भर में पूरी क्षमता से बसों के संचालन की बात कही थी पर जबलपुर बस एसोसिएशन राज्य सरकार के निर्देशों को मानने के लिए तैयार नहीं है।

जबलपुर से करीब 800 बसों का संचालन होता है, ऐसे में आज जबलपुर बस एसोसिएशन और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच एक लंबी बैठक हुई पर ये बैठक पूरी तरह से बेनतीजा रही। बस ओपरेटर संघ की मांग है कि इस कोरोना काल मे बस से जुड़े व्यवसायियों का रोजगार पूरी तरह से ठप्प हो गया है, लिहाजा उनकी मांगों पर सरकार विचार करें

बस संचालक प्रशासन से की ये मांग

  • डीजल के मूल्यों में हुई बढ़ोत्तररी को लेकर यात्री किराया पर 50% की वृद्धि की जाए।
  • यात्री बसों को अप्रैल 2020 से दिसंबर 2020 तक मोटरयान कर से मुक्त रखा जाए।
  • प्रतिदिन डीजल मूल्यों एवं स्पेयर पार्ट्स इत्यादि की वृद्धि के कारण यात्री किराए में 50% की वृद्धि की जाए।
  • बसों की सीमा अवधि 6 माह के लिए बढ़ाई जाए।
  • फाइनेंस बसों की किस्तों को दिसंबर 2020 तक बढ़ाया जाए तथा अप्रैल 2020 से दिसंबर 2020 तक ब्याज से मुक्त किया जाए।
  • शासन द्वारा बकाया एकमुश्त भुगतान योजना की अवधि मार्च 2020 से बढ़ाकर मार्च 2021 की जाए।
  • यात्री बसों के चालक,परिचालक एवं हेल्पर को अप्रैल से 5000 प्रति माह सहायता राशि दी जाए। बस ओपरेटर संघ ने आज प्रशासन से चर्चा के दौरान साफ शब्दों में कहा है कि अगर उनकी मांगों पर विचार नही किया जाता है तो फिर बसों का संचालन नही हो सकेगा।

बस ऑपरेटर्स संघ की बैठक के दौरान प्रशासनिक अधिकारी और आरटीओ भी मौजूद रहे। लिहाजा बसों के संचालन को लेकर बात भी की गई पर बस ऑपरेटर्स संघ अपनी मांगों पर अड़े रहे। कहा जा सकता है कि बसों के संचालन को लेकर हुई बैठक बेनतीजा रही और अभी भी इसमे संशय है कि आखिर कब से बसों का संचालन होगा शुरू।

बता दें कि जबलपुर के आईएसबीटी से सीमावर्ती राज्यो के लिए करीब 800 बसों का संचालन होता है। मार्च 2020 से ही प्रदेश की सभी बसों का संचालन बंद है। वहीं एक बस के तीन लोग जुडे हुए है, जिसनें चालक, परिचालक और क्लीनर आते है।

आम यात्रियों के आवागमन के लिए बसों का साधन सरल और सुगम होता है, लेकिन कोरोना काल के समय जिस तरह से बीते 5 माह से पूरे प्रदेश में बसों का संचालन पूरी तरह से बंद है उसको लेकर निश्चित रूप से यात्री परेशान है।

ऐसे में आज जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बसों के संचालन को हरी झंडी दे दी थी तो लग रहा था कि अब बस पूरे प्रदेश में चलेंगी, लेकिन एक बार फिर बस ऑपरेटर संघ ने अपनी मांगों को लेकर बसें संचालन करने का फैसले पर रोक लगा दी है, फिलहाल अब देखना यह होगा कि राज्य सरकार और बस ऑपरेटर संघ के बीच कब सुलह होती है।