10 परमाणु रिएक्टरों के निर्माण को कैबिनेट ने दी मंजूरी

नई दिल्ली । भारत में घरेलू परमाणु उर्जा कार्यक्रम को तेज गति देने और देश के परमाणु उद्योग को गति प्रदान करने की पहल करते हुए केंद्रिय मंत्रिमंडल ने 10 स्वदेशी दाबानुकूलित भारी जल रिएक्टरों के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

परमाणु उर्जा उत्पादन को मिलेगी क्षमता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्ष में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। प्रत्येक रिएक्टर की क्षमता 700 मेगावाट होगी और इस तरह से कुल 10 इकाइयों की क्षमता 7000 मेगावाट होगी। इससे देश की परमाणु उर्जा उत्पादन क्षमता को काफी ताकत मिलेगी।

मंत्री पीयूष गोयल ने दी जानकारी

केंद्रीय बिजली मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि इससे स्वच्छ उर्जा उत्पादन करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि भारत में अभी 22 संयंत्र परिचालन में हैं और इनसे स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 6780 मेगावाट है। इसके अलावा कुछ अन्य परियोजनाएं निर्माणधीन हैं जिनके 2021 से 2022 में पूरा होने पर 6700 मेगावाट अतिरिक्त परमाणु उर्जा सृजित होगी।

परमाणु उर्जा क्षेत्र में यह पहली परियोजना

मोदी सरकार जब सत्ता में आने के तीन वर्ष पूरा करने जा रही है। ऐसे में भारत के परमाणु उर्जा क्षेत्र में यह पहली परियोजना होगी, जिसमें पूरी तरह से स्वदेशी स्तर पर 10 नई इकाइयों का निर्माण किया जायेगा। यह केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत होगी ।

70,000 करोड़ विनिर्माण आर्डर की उम्मीद

इस परियोजना के लिए घरेलू उद्योग के स्तर पर करीब 70 हजार करोड़ रूपये का विनिर्माण आर्डर की उम्मीद है। इस परियोजना से भारत के परमाणु उद्योग को उच्च प्रौद्योगिकी के साथ स्वदेशी औद्योगिकी क्षमता के विकास के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी ।

भारत को मिलेगी मजबूती

इतना ही नहीं, इस परियोजना के फलस्वरूप 33,400 रोजगार प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से सृजित होने की उम्मीद है। इसके साथ ही घरेलू उद्योग के लिए आर्डर भी प्राप्त होंगे। यह परियोजना एक महत्वपूर्ण परमाणु विनिर्माण देश के रूप में भारत की विश्वसनीयता और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम होगी । केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 10 परमाणु इकाइयों के निर्माण को मंजूरी दिए जाना भारत में वैज्ञानिक समुदाय को अपनी प्रौद्योगिकी क्षमता का निर्माण करने की भावना का प्रतीक है।