खनिज कानून संशोधन अध्यादेश 2020 को कैबिनेट ने दी मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज कई महत्वपूर्ण फैसलों को आगे बढ़ाते हुए खनिज कानून संशोधन अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी। तो वहीं, पूर्वोत्तर भारत में 8 गैस ग्रिड तैयार करने को लेकर, नीलांचल इस्पात संयंत्र के विस्तार को आगे बढ़ाने से जुड़े और स्किल इंडिया को रोज़गार के लिए बेहतरीन और आकर्षक मौके के तौर पर स्थापित करने को लेकर कई अहम फैसले लिए।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में खनिज कानून संशोधन अध्यादेश 2020 को मंजूरी दी है। इस अध्यादेश के जरिए खान और खनिज अधिनियम 1957 और कोयला खान अधिनियम, 2015 में संशोधन होगा। बैठक के बाद जानकारी देते हुए कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि इस फैसले से व्यापार सुगमता के अलावा कोयला क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए खोल दिया गया है।

केन्द्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने पूर्वोत्‍तर प्राकृतिक गैस पाइपलाइन ग्रिड की स्‍थापना के लिए इन्‍द्रधनुष गैस ग्रिड लिमिटेड को ‘वीजीएफ’ के रूप में पूंजीगत अनुदान देने को मंजूरी दी है। इस फैसले से पूर्वोत्तर के आठ राज्यों में गैस ग्रिड तैयार करने के लिये गैस पाइपलाइन का निर्माण होगा,जो 1656 किलोमीटर लंबी होगी। इस परियोजना से पूर्वोत्तर भारत में गैस के मामले में समृद्दि आयेगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गुजरात के जामनगर स्थित आयुर्वेद विश्वविद्यालय परिसर को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक अन्य फैसले में ओडिशा के नीलांचल इस्पात निगम लिमिटेड की छह कंपनियों के शेयरों में रणनीतिक विनिवेश के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी। इस फैसले से नीलांचल इस्पात संयंत्र के विस्तार में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और फ्रांस के बीच मार्च 2018 में हुए माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट को मंजूरी दी। इस फैसले से दोनों देशों के बीच छात्रों और स्किलड लोगों के आने-जाने में सुविधा होगी। इसके अलावा ब्रिटेन के साथ भारतीय रेलवे की ऊर्जा जरूरतों से संबंधित सहमति पत्र को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी।