यूपी में अवैध बूचड़कानों के खिलाफ मुहिम शुरू

प्रशासन ने कानपुर में चार अवैध बूचड़खानों पर लगाये ताले,सीतापुर में एक अवैध बूचड़खाना समेत 65 बिक्री की दुकाने भी की सील  उत्तर प्रदेश में आदित्यनाथ योगी की सरकार बनने के बाद नई सरकार ने अपने चुनावी वायदो पर तेजी से काम करना शुरु कर दिया है।

चुनाव के दौरान भाजपा के शीर्ष नेताओं ने वायदा किया था कि सरकार बनते ही राज्य में चल रहे अवैध बूचड़खानों को बंद किया जाएगा और अब वादे के मुताबिक सरकार ने कदम उठाना शुरू कर दिये हैं। प्रशासन ने प्रदेश में चल रहे अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई शुरू तेज कर दी है। इसके तहत प्रदेश के विभिन्न इलाकों में कई अवैध बूचड़खानों को सील किया जा रहा है।

सीतापुर के लहरपुर कस्बे में प्रशासन ने कई जगह छापेमारी की। इस दौरान एक बूचड़खाने को सील किया गया और बिना लाइसेंस के चलायी जा रही लगभग 65 बिक्री की दुकानों को भी सील कर दिया है। आजमगढ़ में भी अवैध बूचड़खानों के खिलाफ प्रशासन की मुहीम दिखाई दी।

मेहनगर कस्बे में अवैध रूप से संचालित बूचड़खाने को थानाध्यक्ष ने सील कर दिया, वही मुबारकपुर थाना क्षेत्र में चलने वाले बूचड़खाने को एसडीएम और थानाध्यक्ष की संयुक्त कार्रवाई में सील किया गया। इसके अलावा तकिया मोहल्ले में चल रहे अवैध स्लॉटर हाउस पर सी ओ सिटी, SDM सदर और नगर पालिका के अधिकारी नोटिस चस्पा दिया है इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।

प्रशासन ने औद्योगिक नगरी कानपुर में भी चार बूचड़खानों पर ताला लगा दिया। मेरठ में बर्फ खाने में अवैध रूप से चल रहे बुचड़खाने के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की। यहां से प्रतिबंधित सामान भी वरामद हुआ। हालाकि स्लॉटर हाउस का संचालक भाग निकला लेकिन प्रशासन ने सैंपल लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

अवैध बूचड़खानों में नियम और कानून को ताक पर रखकर काम होता है। जिसका परिणाम आसपास के बाशिंदों को परेशानी झेलनी पड़ती हैं। शामली के कैराना में चल रहे मीम एग्रों नाम के यात्रिंम बूचड़खाना के कारण यहां का भूमिगत जल दूषित हो गया है। वादे के मुताबिक यूपी सरकार ने कार्यभार संभालते ही तमाम मुद्दों पर पुलिस प्रशासन को निर्देश देनें शुरू कर दिये है। यानि जनता से किये वादों को निभाने का सिलसिला प्रारंभ हो गया हैं।