केंट बोर्ड में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहित तिवारी को सीबीआई ने रंगे हाथों रिश्वत लेते धर दबोचा

जबलपुर ( राजेश नामदेव )। केंट बोर्ड के एक कर्मचारी को आज सीबीआई ने रंगे हाथों रिश्वत लेते धर दबोचा। सीबीआई को इस मामले में सदर निवासी विशाल केशरवानी नामक व्यक्ति ने शिकायत की थी। जिसके बाद सीबीआई ने कार्रवाई के लिए आवश्यक तैयारी की और आज उक्त कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए उसी के घर में ट्रेप कर लिया। उक्त मामला प्रकाश में आने के बाद केंट बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों हड़कंप मचा हुआ है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक केंट बोर्ड में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी मोहित तिवारी को आज सीबीआई ने मोतीलाल नेहरू (केंट)अस्पताल कैंपस में बने शासकीय कर्मचारी आवास में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह कार्रवाई दोपहर 2.30 बजे की बतायी जा रही है।

सीबीआई को सदर बाजार गली नंबर 21 निवासी विशाल केशरवानी ने लिखित शिकायत दी थी कि केंट बोर्ड में पदस्थ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी जो कि वर्तमान में केंट बोर्ड की ओर से कोर्ट मोहर्रिर का कार्य देख रहा है उससे 10 हजार रूपए रिश्वत की मांग कर रहा है। इस मामले में सीबीआई ने आवश्यक तथ्य एकत्रित करने के बाद।

आज रिश्वत खोर कर्मचारी को पकड़ने जाल बिछाया। जिसके तहत विशाल को बतौर रिश्वत मांगे जा रहे 10 हजार रूपए देकर उक्त कर्मचारी के पास भेजा। बताया जाता है कि जैसे ही रिश्वत के पैसे उक्त कर्मचारी ने अपने हाथों में लिया। सीबीआई की टीम वहां पहुंच गई। रिश्वत के तौर दिए गए पैसों को बरामद करते हुए कर्मचारी मोहित तिवारी को अपनी गिरफ्त में ले लिया।

यह है मामला
बताया जाता है कि केंट बोर्ड के द्वारा 8 जनवरी को विशाल केशरवानी को अवैध निर्माण करने के मामले में एक नोटिस जारी किया था। जिसका जबाव उसके द्वारा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर प्रकरण न्यायालय भेज दिया गया था। जिसके बाद प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन था। जानकारों का मानना है कि उक्त प्रकरण में विशाल केशरवानी को कम से कम 50 हजार का जुर्माना हो सकता था।

इस बात की समझ केंट बोर्ड की ओर से न्यायालीन कार्य देख रहे उक्त कर्मचारी को भी थी। लिहाजा उसने विशाल केशरवानी से 10 हजार रूपए बतौर रिश्वत की मांग कर दी। हालांकि इस बात का खुलासा अभी नहीं हो पाया है कि रिश्वत लेने के बाद उक्त कर्मचारी अवैध निर्माण के मामले में फंसे विशाल को कैसे राहत प्रदान करता।