शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी पर सीबीआई ने दर्ज की दो एफआईआर

लखनऊ. अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी पर सीबीआई ने दो एफआईआर दर्ज की है. सीबीआई ने ये दो एफआईआर रिजवी पर वक्फ संपत्तियों की खरीद—फरोख्त में गड़बड़ी करने और कथित रूप में घोटाला करने पर की है.

सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने दोनों ही एफआईआर लखनऊ और प्रयागराज में दर्ज एफआईआर को आधार बनाते हुए की है. गौरतलब है कि वसीम रिजवी पर एक एफआईआर वर्ष 2016 में प्रयागराज के कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई थी. जिसमें शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी पर इमामबाड़ा गुलाम हैदर त्रिपोलिया.

ओल्ड जीटी रोड पर अवैध रूप से दुकानों का निर्माण शुरू कराने का आरोप था. वहीं इस मामले में क्षेत्रीय अवर अभियंता ने 7 मई 2016 को निरीक्षण के बाद पुराने भवन को तोड़कर किए जा रहे अवैध निर्माण को बंद करा दिया था. हालांकि बाद में फिर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था.

कई पत्र लिखने के बावजूद कार्य जब नहीं रुका तो था अवर अभियंता सुधाकर मिश्रा ने रिजवी को नामजद करते हुए 26 अगस्त 2016 को एफआईआर दर्ज करा दी थी. इसी तरह एक अन्य मामले में लखनऊ के हजरतगंज थाने में गत 27 मार्च 2017 को एक केस दर्ज किया गया था.

इसमें वसीम रिजवी पर आरोप था कि उन्होंने वक्फ बोर्ड के अधिकारियों पर 27 लाख रुपये लेकर कानपुर में वक्फ की बेशकीमती संपत्ति का पंजीकरण निरस्त करने और पत्रावली से महत्वपूर्ण कागजात गायब कर दिया. इस एफआईआर में वसीम रिजवी के अलावा जमीन का लाभ पाने वाले नरेश कृष्ण सोमानी, विजय सोमानी, सैयदैन रिजवी, बाकर रजा को आरोपी बनाया गया है.