CISCE के बाद अब सीबीएसई करेगा 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस में 30% की कटौती

इससे पहले काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने आगामी सत्र के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी प्रमुख विषयों के सिलेबस को 25 फीसदी तक कम करने का फैसला किया है. मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने मंगलवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) को कक्षा 9वीं और कक्षा 12वीं के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम को रिवाइज्ड करने की सलाह दी है. इससे देशभर में कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के कारण छात्रों पर पड़ने वाले पाठ्यक्रम का बोझ को कम किया जा सके.

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ने ट्वीट किया, “देश और दुनिया में व्याप्त असाधारण स्थिति को देखते हुए, #CBSE को सलाह दी गई कि वे कक्षा 9 वीं से 12 वीं तक के छात्रों के लिए पाठ्यक्रम को रिवाइज्ड करें और पाठ्यक्रम के भार को कम करें.” उन्होंने कहा, “सीखने की उपलब्धि के महत्व को देखते हुए मुख्य अवधारणाओं को बरकरार रखते हुए पाठ्यक्रम को 30% तक कम करने का तर्कसंगत बनाने का निर्णय लिया गया है.”

इससे पहले काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) ने आगामी सत्र के लिए कक्षा 10वीं और 12वीं के सभी प्रमुख विषयों के सिलेबस को 25 फीसदी तक कम करने का फैसला किया है. शिक्षा बोर्ड ने एक आधिकारिक बयान में कहा, “मौजूदा सत्र 2020-2 to के दौरान अनुदेशात्मक घंटों में होने वाले नुकसान के लिए निर्णय लिया गया है.” विशेषज्ञों के परामर्श के बाद परिषद ने पाठ्यक्रम को कम करने का दावा किया है. इसमें कहा गया है कि सिलेबस में कमी “वर्गों के बीच रैखिक प्रगति को देखते हुए की गई है, यह सुनिश्चित करते हुए कि विषयों से संबंधित मुख्य अवधारणाओं को बनाए रखा गया है.”