इस साल 15 अगस्त को हम संकल्प पर्व के रूप में मनाएं: पीएम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के साथ अपने मन की बात में देश की आज़ादी के लिए किए गए संघर्ष का ज़िक्र किया। देश इस साल ‘भारत छोड़ो आन्दोलन की 75वीं वर्षगाँठ मनाने जा रहा है। लेकिन बहुत कम लोग ये बात जानते हैं ‘भारत छोड़ो’ का नारा डॉ. यूसुफ़ महर अली ने दिया था। प्रधानमंत्री ने कहा कि मौजूदा पीढ़ी को ये जानना बेहद ज़रूरी है कि उन्हें खुली हवा में आज़ाद ज़िंदगी देने के लिए उस वक्त आज़ादी के मतवालों ने कितनी कुर्बानियां दीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहा कि इस 2017 के 15 अगस्त को हम संकल्प पर्व के रूप में मनाएँ और 2022 आज़ादी के जब 75 साल होंगे, तब हम उस संकल्प को सिद्धि में परिणित करके ही रहेंगेI प्रत्येक भारतवासी, सामाजिक संस्थाएँ, स्थानीय निकाय की इकाइयाँ, स्कूल, कॉलेज, अलग-अलग संगठन हर एक नये भारत के लिए कुछ न कुछ संकल्प लेंI एक ऐसा संकल्प जिसे अगले 5 वर्षों में हम सिद्ध कर के दिखाएँगेI

प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से गंदगी, गरीबी, भ्रष्टाचार और जातिवाद के खिलाफ मुहिम छेड़ने की अपील की। पीएम मोदी ने इस 15 अगस्त को संकल्प पर्व के रूप में मनाने का आह्वान भी किया। साथ ही उन्होंने बने कहा कि यही अगस्त मास संकल्प के साथ हमें जुड़ना है और हमें संकल्प करना हैI गंदगी – भारत छोड़ो, ग़रीबी – भारत छोड़ो, भ्रष्टाचार -भारत छोड़ो, आतंकवाद – भारत छोड़ो, जातिवाद – भारत छोड़ो, सम्प्रदायवाद – भारत छोड़ोI आज आवश्यकता करेंगे या मरेंगे की नहीं है, बल्कि नये भारत के संकल्प के साथ जुड़ने की है, जुटने की है, जी-जान से सफलता पाने के लिए पुरूषार्थ करने की है। संकल्प को लेकर के जीना हैI जूझना है I आइये इस अगस्त महीने में 9 अगस्त से संकल्प से सिद्धि का एक महाभियान चलायें I

प्रधानमंत्री ने देश के हर व्यक्ति, खासकर नौजवानों से एक नये भारत के लिए कुछ न कुछ संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमें रचनात्मक रूप से तकनीक का इस्तेमाल करके भारत को एक नई पहचान देने की कोशिश करनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने देश में युवा संगठनों, छात्र संगठनों, गैर सरकारी संस्थाओँ को कहा कि वे परस्पर सामूहिक चर्चा का आयोजन करके नए विचारों को एक मंच पर ला सकते हैं, जिससे इन विचारों को बड़े स्तर पर एकत्र कर उनका क्रियान्वन किया जा सके और सभी देशवासियों को उनका लाभ मिल सके।