विश्व मृदा दिवस पर समारोह

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आज विश्व मृदा दिवस है। इसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों में मिट्टी की उपयोगिता और उसके महत्त्व को लेकर जागरूकता पैदा करना है। इसी भावना के तहत भारत में केंद्र सरकार ने हाल के वर्षों में राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना को पूरे जोर शोर से आगे बढ़ाया है।

केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने विश्व मृदा दिवस पर किसानों को संदेश दिया और उनके साथ सरकार की महत्वकांशी योजना को सांझा किया। हर साल 5 दिसंबर को विश्व मृदा दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति और जीवन में मिट्टी के योगदान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।

20 दिसंबर, 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक संकल्प लेकर 5 दिसंबर को हर साल ‘विश्व मृदा दिवस’ मनाने की घोषणा की थी। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने इसी संकल्प के माध्यम से साल 2015 को ‘अंतरराष्ट्रीय मृदा वर्ष’ के रूप में मनाने की भी घोषणा की थी। वैसे तो सभी के लिए मिट्टी का महत्व अनमोल है लेकिन इसके महत्व को एक किसान से ज्यादा कौन समझ सकता है |

उपजाऊ मिट्टी के लिए ज़रूरी है कि मिट्टी की जांच समय- समय पर होती रहे जिससे यह पता लग सके कि मिट्टी में किस मात्रा में किस प्रकार की खाद मिलानी चाहिए और कैसे मिट्टी की उर्वराशक्ति को बनाये रखी जा सकती है। इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने राजस्‍थान के सूरतगढ़ में 19 फरवरी 2015 को पूरे देश में केन्‍द्र सरकार की मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड योजना की शुरुआत की और कृषि क्षेत्र में मिट्टी की सेहत पर ध्‍यान देने का आह्वान किया, ताकि उत्‍पादकता बढ़ाई जा सके और समृद्धि लाई जा सके।

प्रधानमंत्री ने किसानों से मिट्टी के नियमित परीक्षण का आह्वान करते हुए – ‘स्‍वस्‍थ धरा, खेत हरा’ का नारा दिया। राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अन्तगर्त मिट्टी का पी.एच मान, सल्फर, जिंक, नाइट्रोजन, लोहा, फास्फोरस, पोटाश और मैंगनीज की मात्रा का पता लगाकर किसान को बताया जाता है कि उनके खेत की मिट्टी को किस चीज की आवश्यकता है।

फसल की आवश्यकता के आधार पर सन्तुलित मात्रा में रासायनिक खाद डालने की सलाह दी जाती है। इससे खेतों में अधिक और अंधाधुंध खाद डालने की मानसिकता पर रोक लगी है जिससे न सिर्फ मिट्टी बल्कि पूरे पर्यावरण की गुणवत्ता को सुधारने में मदद मिल रही है। इस योजना के तहत भारत में अभी तक 10 करोड़ से भी अधिक मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी किए गए हैं।

जाहिर है कि भारत ने मृदा स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण काम करके दुनिया के कई देशों को एक रास्ता दिखाने का भी काम किया है। पूरे विश्व में मिट्टी के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की जरूरत न सिर्फ अच्छी मिट्टी और अच्छे फसल के लिए है बल्कि अच्छे पर्यावरण के लिए भी इसी बहुत जरूरत है। हर साल मनाया जाने वाला विश्व मृदा दिवस इसी दिशा में एक प्रयास है।

केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने विश्व मृदा दिवस पर किसानों को संदेश दिया और उनके साथ सरकार की महत्वकांशी योजना को सांझा किया।