मध्य रेल ने कोविड -19 के मद्देनजर यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बैगेज स्कैनिंग एवं रैपिंग की सुविधा

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मुंबई। मध्य रेल ने कोविड -19 के मद्देनजर यात्रियों एवं रेल कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अभिनव उपाय किये हैं। इसके तहत पुणे मंडल पर कॅप्टन ‘अर्जुन’, नागपुर मंडल पर स्वचलित टिकट जांच और एक्सेस प्रबंधन (आत्मा), मुंबई मंडल पर सपंर्क रहित बॉडी स्क्रीनिंग (फेब्रीआय) और रक्षक चिकित्सा सहायक (मेडिकल रोवर ‘जीवक’ और ‘रक्षक’), सोलापुर मंडल पर चिकित्सा सहायक (रो) बॉट संस्करण 1 और 2 की सुविधा प्रदान की गई है।

इसी कड़ी में गुरुवार, 22 अक्टूबर 2020 को मध्य रेल के मुंबई मंडल पर NINFRIS नीति के तहत एक अभिनव पहल की गई है, जिसमें छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) पर यात्रा के दौरान कोरोना वायरस सहित यात्रियों को किसी भी प्रकार के कीटाणुओं से सुरक्षित रखने के लिए यात्री बैगेज की स्कैनिंग, सैनिटाइजिंग एवं रैपिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मध्य रेल के जनसंपर्क विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह सुविधा यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी एवं बहुत ही किफायती है। बैगेज के साइज के आधार पर सैनिटाइजिंग का शुल्क निर्धारित किया गया है तथा रैंपिंग के लिए 60 रुपये, 70 रुपये एवं 80 रुपये देने होंगे।

यह सुविधा फिलहाल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पर उपलब्ध कराई गई है और यात्रियों के प्रतिसाद को ध्यान में रखते हुए शीघ्र ही दादर, ठाणे, कल्याण, लोकमान्य तिलक टर्मिनस और पनवेल स्टेशन पर मुहैया कराई जाएगी। इस योजना से रेलवे को एक स्टेशन से प्रतिवर्ष लगभग 38.40 लाख की आय होगी।