सीजीएसटी और आईजीएसटी विधेयक मंज़ूर

जीएसटी परिषद की बैठक में सीजीएसटी और आईजीएसटी विधेयकों को दी गई मंजूरी, वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में हुई जीएसटी परिषद की 11वीं बैठक. अगली बैठक 16 मार्च को. राजधानी दिल्‍ली में वस्‍तु और सेवा कर परिषद की 11वीं बैठक शनिवार को हुई। बैठक में केंद्रीय वित्‍त मंत्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में राज्‍यों के प्रतिनिधियों ने हिस्‍सा लिया। बैठक के बाद अरुण जेटली ने बताया कि CGST और IGST कानून को जीएसटी काउंसिल ने मंजूरी दे दी है। परिषद की अगली बैठक 16 मार्च को होगी.

जीएसटी परिषद ने छोटे ढाबों और रेस्तरां पर 5 प्रतिशत की दर से कर लगाने का फैसला किया और प्रस्तावित नई अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था के लिये दो महत्वपूर्ण सहायक विधेयकों के मसौदे को मंजूरी दी। सरकार ने एक जुलाई से जीएसटी लागू करने का लक्ष्य रखा है। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सी-जीएसटी और आई-जीएसटी संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण में मंजूरी के लिये रखे जाएंगे। दूसरा चरण गुरूवार नौ मार्च से शुरू हो रहा है।

सी-जीएसटी केंद्र को उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर के जीएसटी में समाहित होने के बाद वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी लगाने का अधिकार देगा। वहीं आई-जीएसटी अंतर-राज्यीय बिक्री पर लागू होगा। राज्य जीएसटी विधेयक को प्रत्येक राज्य की विधानसभा में पारित कराना होगा। वहीं यूटी-जीएसटी मंजूरी के लिये संसद में रखा जाएगा।

वैट और राज्य में लगने वाले अन्य करों के जीएसटी में समाहित होने के बाद एस-जीएसटी राज्यों को कर लगाने की अनुमति देगा। जेटली ने कहा कि मॉडल जीएसटी कानून में वस्तु एवं सेवा कर की शिखर दर को 40 प्रतिशत तक(20 प्रतिशत केंद्र और उतना ही राज्यों द्वारा) किये जाने की व्यवस्था की जाएगी। लेकिन जीएसटी की प्रभावी दरों को पूर्व में मंजूर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत पर ही रखा जाएगा।