जिनपिंग और डोभाल की मुलाकात से बदल गई चीन की चाल!

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान शीर्ष अधिकारियों की मुलाकात से इतर शुक्रवार को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। डोकलाम में चल रहे गतिरोध के बीच ये मुलाकात हुई है।डोभाल ने सदस्य देशों -ब्राजील, रूस, और दक्षिण अफ्रीका- के अपने समकक्षों के साथ सुरक्षा मुद्दों पर उच्च प्रतिनिधियों की सातवीं ब्रिक्स बैठक के बाद शी से मुलाकात की। यह मुलाकात सिक्किम के डोकलाम में भारतीय-चीनी सेनाओं के बीच जारी गतिरोध के बीच हुई है, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों में तनाव का कारण बना हुआ है।

वैश्विक शांति और स्थिरता पर मुद्दो पर चर्चा
इससे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने ब्रिक्स देशों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई समेत क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर नेतृत्व दिखाने का आह्ववान किया। डोभाल ने ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में कहा, ‘हमें वैश्विक शांति और स्थिरता पर असर डालने वाले सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करने के लिए ब्रिक्स फोरम का आयोजन करना चाहिए।’

ट्रंप आदेश दें तो अभी चीन पर परमाणु बम गिरा दूं: यूएस कमांडर
अमेरिका के एक कमांडर ने चीन पर परमाणु बम गिराने की बात कही है। यूएस पेसिफिक फ्लीट के कमांडर एडमिरल स्कॉट स्विफ्ट ने कहा कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उन्हें आदेश दें तो वो तुरंत ही चीन पर परमाणु हमला कर सकते हैं। कमांडर ने यह बात ऑस्ट्रेलिया में अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया युद्धाभ्यास के बाद एक सुरक्षा सम्मेलन में कही। स्विफ्ट ने कहा, ‘अमेरिकी सेना के हर सदस्य को देश के संविधान के सभी घरेलू और विदेशी दुश्मनों से रक्षा करने की शपथ दिलाई जाती है और अधिकारियों व राष्ट्रपति के आदेश पालन करने को कहा जाता है।

यह अमेरिकी संविधान का मूल है।’ बता दें कि भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच यूरोप ने भी यह माना है कि चीन एशिया में लगातार अतिक्रमण की रणनीति अपना रहा है। चीन सागर वाले मसले पर भी जापान और अन्य कई देशों से चीन की लगातार गहमागहमी चल रही है।

दक्षित चीन सागर में ब्रिट्रेन भेजेगा युद्धपोत
इसी बीच ब्रिटेन नौसेना अभ्यास के लिए अगले वर्ष विवादित दक्षिणी चीन सागर में एक युद्धपोत भेज सकता है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर आए ब्रिटेन के रक्षा मंत्री माइकल फालोन ने कहा कि इस क्षेत्र में जापान के साथ अपना युद्धाभ्यास जारी रखते हुए लड़ाकू विमानों के साथ-साथ ब्रिटेन अब नौसेना अभ्यास भी जारी रखेगा। दक्षिणी चीन सागर वह क्षेत्र है जिसपर चीन लगातार अपना दावा पेश करता है। वहीं दूसरी तरफ ब्रुनेई, मलेसिया, फिलिपीन्स, ताइवान और वियतनाम भी इसके कुछ हिस्सों पर अपना दावा जताते हैं।