चीनी स्मार्टफोन उतने ही खतरनाक हैं, जितने कि प्रतिबंधित चीनी एप

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ऐसी बात निकल कर सामने आ रही है कि भारत सरकार एक ऐसी नीति लागू सकती है जिसमें घटिया चीनी उत्पादों के क्रय विक्रय पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो सकती है। यदि ये बात शत-प्रतिशत सच साबित होती है तो इसमें कोई हैरानी नहीं होगी। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि चीनी स्मार्टफोन उतने ही खतरनाक हैं, जितने कि प्रतिबंधित चीनी एप। यह हमारा ही दावा नहीं है, बल्कि फोर्ब्स मैगजीन ने भी ऐसा ही दावा किया है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत की सरकारी एजेंसियां इन ब्राण्ड्स को मिलने वाली स्वीकृति में काफी विलंब कर रही है, जिसके कारण इन ब्राण्ड्स को अपने उत्पाद भारत लाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

फोर्ब्स मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार कुछ शोधकर्ताओं ने यह दावा किया था कि Xiaomi ना सिर्फ मोबाइल में इन्स्टाल हुई कुछ एप्स का डाटा चीन सर्वर में भेजता है, बल्कि वेब browser में browse किए जाने वाले URLs से जुड़ी जानकारी को भी फोन से बाहर भेजा जाता है, फिर चाहे यूजर किसी भी मोड में browser को इस्तेमाल कर रहा हो। हमने अपनी एक रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश भी डाला था।

Forbes से बात करते हुए Cirlig नाम के एक व्यक्ति ने बताया था कि उसके पास एक redmi note 8 फोन है, और वह कुछ दिनों से अपने फोन में कुछ अजीब बर्ताव देख रहा था। एक cyber-security researcher होने के नाते जब उसने इस मामले में और जांच की तो पता चला कि फोन का web browser कई महत्वपूर्ण

जानकारियों को चीन में alibaba के सर्वर में पहुंचा रहा था। उस रिसर्चर ने यह भी दावा किया कि उसका फोन यह सब रिकॉर्ड कर रहा था कि उसने कौन सा फोल्डर खोला है और वह कहाँ swipe कर रहा है, इसके साथ ही मोबाइल की कई सेटिंग्स से जुड़ी जानकारी को भी मोबाइल स्टोर कर रहा था।

ऐसे में चीनी एप्स के बाद अब चीनी स्मार्टफोन पर प्रतिबंध न केवल एक अहम कदम होगा, बल्कि एक आवश्यक कदम भी है, अन्यथा भारत के करोड़ों यूजर्स के निजी डेटा पर निरंतर खतरा बना रहेगा। ऐसे में यदि केंद्र सरकार चीनी स्मार्टफोन को प्रतिबंधित करने का निर्णय लेती है, तो किसी को कोई हैरानी नहीं होगी, क्योंकि यही समय की मांग भी है।

अगर पिछले कुछ दिनों में केंद्र सरकार के निर्णयों पर गौर करेंगे, तो आपको पता चलेगा कि शायद चीनी स्मार्टफोन पर प्रतिबंध पर केंद्र सरकार वास्तव में विचार कर रही है। उदाहरण के लिए चीनी स्मार्टफोन ब्राण्ड में भारत में सर्वाधिक बिकने वाले शाओमी और ओप्पो स्मार्टफोन को अब मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं उनके उत्पादों को भारत में प्रवेश करने से रोका जा रहा है, तो कहीं पर उन्हें सरकारी एजेंसियों द्वारा आवश्यक स्वीकृति नहीं मिल रही।

भारत ने जिस प्रकार से चीन की अर्थव्यवस्था पर प्रहार किया है, वो दुनिया के लिए किसी अभूतपूर्व कदम से कम नहीं है। पहले चीनी एप्स पर प्रतिबंध लगाना, उसके पश्चात चीन के सामान का बहिष्कार और फिर चीन द्वारा किसी भी भारतीय परियोजना में दखल देने पर ही प्रतिबंध लगाना,

भारत ने चीन पर जिस प्रकार से आर्थिक स्ट्राइक की है उससे उस को बिलबिलाने का अवसर भी नहीं मिल पा रहा है। परंतु ऐसा लगता है कि अब भारत अभी थमने के मूड में बिलकुल नहीं है, और अब उसका अगला लक्ष्य चीनी स्मार्टफोन को भारतीय मार्केट से धक्के मारकर बाहर निकालना भी हो सकता है।