बरमान में लोगों ने की नर्मदा के घाटों की साफ-सफाई

नरसिंहपुर। नमामि देवी नर्मदे- नर्मदा सेवा यात्रा के उद्देश्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने एवं इसमें सहभागी बनने के उद्देश्य से बरमानकलां में नर्मदा घाटों एवं तटीय क्षेत्रों की साफ – सफाई और स्वच्छता के लिए लोगों ने बड़ी संख्या में मंगलवार को श्रमदान किया। श्रमदान में स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। यहां नर्मदा को प्रदूषण मुक्त बनाने, नदी में गंदगी नहीं होने देने, नर्मदा के तटीय क्षेत्रों में वृक्षारोपण करने, जैविक खेती अपनाने, रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का उपयोग नहीं करने, नशा मुक्ति आदि के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों ने रैली निकाली।

नर्मदा घाट पर पड़े कचरे , पॉलीथिन, अपशिष्ट सामग्री, पेड़ों के सूखे पत्ते आदि को झाड़ू लगाकर इकट्ठा किया गया। नालियों की साफ-सफाई की गई। एकत्रित कचरे को फावड़ा-तसला से उठा-उठाकर ट्रैक्टर-ट्राली में डालकर हटाया गया। नर्मदा तटों पर पड़ी बेकार सामग्री को भी हटाया गया। नर्मदा में स्नान के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में नर्मदा के संरक्षण एवं संवर्धन का संदेश देने के लिए विद्यार्थियों ने जागरूकता रैली निकाली।

विद्यार्थी हाथ में प्रेरक नारे लिखी तख्तियां रखे हुए थे। लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए विद्यार्थी ‘नदी नहीं ये जननी है- रक्षा हमको करनी है, करनी है भाई- करनी है, रेवा सेवा करनी है’, ‘हम सबने यह ठाना है- रेवा को स्वच्छ बनाना है’, ‘मां नर्मदा करे पुकार- वृक्ष लगाओ छायादार’, ‘नदी नहीं जग जननी है- रक्षा हमको करनी है’, आदि प्रेरक नारे लगा रहे थे।

इस अवसर पर ग्राम पंचायत की ओर से नर्मदा घाट पर श्रद्धालुओं को पीले चावल देकर नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया। उल्लेखनीय है कि उत्तर तट की नर्मदा सेवा यात्रा 5 अप्रैल को रायसेन जिले से नरसिंहपुर जिले में चांवरपाठा विकासखंड के ग्राम हीरापुर के समीप सिंदूर नदी के तट पर प्रवेश करेगी। यह यात्रा छह अप्रैल को बरमानकलां पहुंचेगी। यहां जनसंवाद कार्यक्रम होगा।