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जनजातीय गौरव दिवस’ समारोह में झूमें सीएम शिवराज सिंह चौहान

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भोपाल । भोपाल के जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय रणबांकुरे की चित्र वीथिका के लोकार्पण करने पहुंचे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आदिवासियों के साथ जमकर झूमे। आदिवासियों ने हमरो द्वार में अतिथि आयो रे… गीत गाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया।

शिवराज ने कहा कि संग्रहालय में भगवान बिरसा मुंडा, शंकर शाह, रघुनाथ शाह, शंकर शाह, खाज्या नायक, भीमा नायक, टंट्या भील जैसे कई जनजातीय नायकों के जीवन पर आधारित जनजातीय रणबांकुरे चित्र वीथिका उनके योगदान से युवाओं को परिचित और प्रेरित करेगी। मुख्यमंत्री ने इसका लोकार्पण किया। आदिवासी पारंपरिक वेशभूषा में ही कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान जनजातीय संस्कृति, कला, गीत-संगीत की झलक देखने को मिली।

मध्य प्रदेश में आज जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। इसमें शामिल होने के लिए खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मध्य प्रदेश पहुंचे हैं। पूरे प्रदेश से आदिवासी समुदाय के लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। इस सिलसिले में अलग-अलग समुदायों द्वारा कार्यक्रम पिछले कई दिनों से आयोजित हुए हैं। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह न सिर्फ कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचे, बल्कि कलाकारों के साथ सहभागिता भी की।

भैंस के सींग से निर्मित सिंगी की ध्वनि से प्रारंभ ठात्या नृत्य में ढोलक की थाप पर भुगड़ की ध्वनि नृत्य को धीमी गति से तेज गति तक ले जाती है। लोक कलाकारों द्वारा इसकी आकर्षक प्रस्तुति में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने सिंगी वादन कर कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।

भारिया जनजाति के लोकप्रिय भड़म नृत्य की प्रस्तुति में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी लोक कलाकारों के साथ आनंद उठाया। इसमें ढोल टिमकी वादक घेरा बनाते हैं, जिसके बीच एक नर्तक लकड़ी उठाकर दोहरा गाता है। इसके अंतिम शब्द से वाद्य बजना शुरू होते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सहरिया समुदाय के लोक कलाकारों ने लौह मुखौटा प्रदान कर स्वागत किया। लोक कलाकारों की उत्कृष्ट प्रस्तुति से आनंदित मुख्यमंत्री ने भी उनके साथ नृत्य में भाग लिया।

आइए देखते हैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अलग-अलग अंदाज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में जनजातीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के काम में सरकार पूरा सहयोग करेगी। जनजातीय संग्रहालय इसके लिए काम कर रहा है। इसके साथ ही सरकार ने तय किया है कि जो भी कलाकार जनजातीय कला और संस्कृति में अव्वल होंगे उन्हें हर साल पांच लाख रुपए का पुरस्कार दिया जाएगा। यह पुरस्कार राजा संग्राम शाह के नाम पर दिया जाएगा।

राजधानी के जनजातीय संग्रहालय में जनजातीय रणबांकुरे चित्र वीथिका के लोकार्पण और संवाद समारोह में सीएम चौहान ने ये ऐलान किया है। उन्होंने करीब सात सौ कलाकारों की टीम को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में जनजातीय कलाकार सरकार के अतिथि हैं। भोपाल और पूरा प्रदेश इस समय जनजातीय रंगों में रंगा है। भाजपा की सरकार जनजातीय परिवारों की जिन्दगी बदलने का अभियान चला रही है। सभी को प्रदेश के विकास में बराबर का भागीदार बनाया जाएगा।

भारत आजादी के बाद पहला जनजातीय गौरव दिवस मना रहा
केंद्र सरकार 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में आदिवासी नायक बिरसा मुंडा की जयंती मना रही है.पीएम मोदी ने कहा कि भारत आजादी के बाद पहला जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है. उन्होंने कहा कि आदिवासियों की कला, संस्कृति और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को गर्व से याद किया जा रहा है.