खादी बाज़ार में देश भर के खादी के आकर्षक परिधानो का कलेक्शन

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इन्दौर @ देश के दूर-दराज के गांवों की कारीगरी को लोगों तक सीधे पहुंचाने के लिए 16 दिवसीय खादी बाजार प्रदर्शनी का आयोजन इंदौर में किया गया है। इस प्रदर्शनी का आयोजन भारत सरकार के माइक्रो स्माल एवं मीडियम इंटरप्राइजेज मंत्रालय के अंतर्गत खादी ग्रामोद्योग द्वारा महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के उपलक्ष्य में शहर के ग्रामीण हाट बाज़ार में किया जा रहा है।

हाट बाजार ढक्कनवाला कुंआ मे यह प्रदर्शनी शहर में 7 जनवरी 2019 तक रहेगी। इस प्रदर्शनी में हर प्रकार के खादी ग्रामोद्योगी उत्पाद मिल रहे हैं। यहां पर कश्मीर की पश्मीना शॉल, बंगाल का सिल्क और मलमल, बनारसी साड़ियां, उत्तरप्रदेश के कालीन, राजस्थान के कम्बल और देश के अन्य प्रांतों के खादी और ग्रामोद्योगी उत्पाद लोगों का मन मोह रहे हैं। इको फ्रेंडली क्लॉथ के नाम से लोकप्रिय खादी में विभिन्न वेरायटी अनेक रेंज में उपलब्ध है और साथ ही खादी वस्त्रों पर विशेष 20 प्रतिशत की छूट मिल रही है।

प्रदर्शनी के संयोजक डॉ. ए.वी.गणवीर ने बताया कि हाट बाजार में 75 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए हैं। खादी ग्रामोद्योगी संस्थाएं गांवों में बनने वाली वस्तुओं को लेकर आई हैं। आज का युवा वर्ग फैशन के रूप में खादी को खासा पसंद कर रहा है।

युवक-युवतियों के लिए रेडिमेड क्लॉथ विभिन्न रेंज में उपलब्ध हैं। प्रदर्शनी में खादी तथा ग्रामोद्योग आयोग द्वारा युवाओं को अपना उद्योग लगाने के लिए प्रधानमंत्री ग्रामीण रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। खादी ग्रामोद्योगी संस्थाएं कम पूंजी में लाखों ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं।

आगे उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के द्वारा खादी उद्योग और ग्राम उद्योग को बढावा देने के लिए इस प्रकार के आयोजन हर वर्ष किये जाते है जिससे की खादी के प्रति जागरूकता बड़े और इस उद्योग को भी बढावा मिलेl इसी के चलते इंडियन ऑइल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आई ओ सी एल) ने अपने कर्मचारियों को बोनस के रूप में कुछ कूपन जारी किए हैं जिसका उपयोग वे खादी के उत्पाद खरीदने में कर सकते है।

इसके लिए प्रदर्शनी में कुछ स्टाल्स पर वे इन कूपंस को रिडिम कर सकते हैं।इस तरह इस उद्योग प्रमोट किया जा रहा है और इससे इसका सीधा लाभ ग्राम उद्यमियों को मिलता है। सरकार द्वारा बनाई गई विभिन्न योजनाओं द्वारा खादी उत्पादों में 30 से 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो की प्रशंसनीय है।

इस 16 दिवसीय प्रदर्शनी में कई संस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा हैं। भजन संध्या, खादी फैशन शो, शेहनाई वादन, तबला वादन, इत्यादि। साथ ही साथ खादी उत्पादों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए कॉलेज के स्टूडेंट्स को भी आमंत्रित किया गया हैं।।