किसानों से कलेक्टर ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने की अपील, 31 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा

जबलपुर । कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने जिले के अधिक से अधिक किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा कराने की अपील की है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत किसान खरीफ 2020 में 31 अगस्त तक फसलों का बीमा करा सकते हैं।

फसलों का बीमा हो जाने के बाद प्राकृतिक आपदाओं से फसल क्षति होने पर बीमित कृषकों को क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराके वित्तीय मदद प्रदान किये जाने का प्रावधान है। ताकि कृषक कृषि व्यवसाय में बने रहते हुए उन्नत तकनीकी का उपयोग एवं टिकाऊ नवीन व अभिनव कृषि हेतु प्रोत्साहित हो सके। अभी तक जिले के 34 हजार 414 किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा करा चुके है।

किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के उपसंचालक एस.के. निगम ने बताया कि ऋणी कृषक से प्रीमियम संबंधित बैंक के द्वारा काटा जाकर, आगामी समय में बीमा कंपनी के निर्धारण उपरांत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पोर्टल पर संबंधित कृषक की जानकारी अपलोड की जा सकेगी तथा कृषक अंश का भुगतान चयनित बीमा कंपनी को दिया जा सकेगा।

अऋणी कृषक की श्रेणी हेतु संबंधित कृषक के द्वारा किसी भी राष्ट्रीयकृत अथवा सहकारी बैंक में जाकर आवश्यक औपचारिकताएं (जैसें आधार कार्ड की प्रति, जमीन संबंधी दस्तावेज, बुवाई का प्रमाण पत्र इत्यादि) पूर्ण करने के उपरांत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का निर्धारित प्रीमियम जमा कर योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है।

खरीफ मौसम में सभी अनाज दलहन, तिलहन फसलों हेतु बीमित राशि का मात्र अधिकतम दो प्रतिशत प्रीमियम कृषकों द्वारा देय है तथा कपास फसल हेतु अधिकतम 5 प्रतिशत प्रीमियम देय है। जबकि शेष प्रीमियम राज्य एवं केन्द्र सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। खरीफ की जिन फसलों का बीमा कराया जा सकता है उनमें जिला स्तर से उड़द एवं मूंग तहसील स्तर से ज्वार, कोदो, कुटकी, मूंगफली, तिल व कपास तथा पटवारी हलका स्तर पर सिंचित धान, असिंचित धान, सोयाबीन, मक्का, बाजरा एवं अरहर की फसलें शामिल हैं।

बीमा कराने के लिए पात्र कृषकों में अधिसूचित बैंकों में अधिसूचित पसलें उगाने वाले बटाईदारों और काश्तकारों सहित सभी किसान अपनी-अपनी फसलों का बीमा का आच्छादन प्राप्त करने हेतु पात्र हैं। योजना सभी कृषकों हेतु सवैच्छिक की गई है। अल्पकालिक फसल ऋण प्राप्त करने वाले कृषकों की फसलों का बीमा संबंधित बैंक द्वारा किया जायेगा। अऋणी कृषक अपनी अधिसूचित फसलों का बीमा बैंक, लोक सेवा केन्द्र एवं कार्यरत बीमा कंपनी के अधिकृत एजेन्ट के माध्यम से करवा सकते हैं।

बीमा कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों में फसल बीमा प्रस्ताव फार्म, आधार कार्ड, पहचान पत्र शासन द्वारा मान्य दस्तावेज जैसे वोटर आई कार्ड, राशन कार्ड, पेन कार्ड, आधार कार्ड, समग्र आईडी व ड्रायविंग लायसेंस आदि शामिल है। भू-अधिकार पुस्तिका, बुआई प्रमाण-पत्र पटवारी या ग्राम पंचायत सचिव द्वारा जारी किया हुआ होना चाहिए। सभी ऋणी एवं अऋणी कृषकों हेतु आधार कार्ड अनिवार्य है तथा मोबाइल नंबर वांछित है।