वित्त सचिव द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र इटवा का निरीक्षण किया गया

सिद्धार्थ नगर@ शासन के निर्देशानुसार जनपद में विकास कार्यो/कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यो तथा इसके साथ ही साथ जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था से सम्बन्धित आम जनमानस को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेने के लिए सचिव, वित्त उ0प्र0 शासन श्री महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल द्वारा आज इटवा तहसील के अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया गया।

सचिव, वित्त उ0प्र0 शासन श्री महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल द्वारा निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम चिकित्सालय परिसर के अन्दर बनी नाली में जल जमाव होने के कारण प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा0 वी0के0 वैद्य को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि चिकित्सालय में मरीज अपना इलाज कराने के लिए आता है। यदि इस जगह जल जमाव रहेगा तो मच्छरों के प्रकोप से और भी बीमारियां फैलने का अंदेशा रहेगा।

ऐसी स्थिति में इसका उचित प्रबन्ध करके नाली किसी अन्यत्र स्थान पर निकासी हेतु रास्ता निकालने का निर्देश मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 रतन कुमार को दिया गया। सचिव वित्त द्वारा चिकित्सा भवन के अन्दर मस्तिष्क ज्वर वार्ड, स्टोर रूम, वी.पी.एम.यू. आफिस में कम्प्यूटर में डाटा फीडिंग को सचिव वित्त द्वारा देखा गया। उन्होंने कम्प्यूटर आपरेटर से प्रसूता महिलाओं को टीकाकरण की तिथि के पूर्व भेजे गये मैसेज के सम्बन्ध में भी जानकारी ली गयी। इसके पश्चात चिकित्सालय परिसर के अन्दर निष्प्रयोज्य वाहन को देखकर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गयी।

उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि आर.आई. से निष्प्रयोज्य बैल्यू की धनराशि का आकलन कराकर शीघ्रातिशीघ्र वाहन की नीलामी कराये जाने का निर्देश दिया गया। सचिव वित्त ने नवनिर्मित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भवन को देखा और उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि नवनिर्मित भवन के समस्त आवष्यक व्यवस्थाओं को पूर्ण कराकर संचालित कराये।

इसके साथ ही साथ पुराना भवन जो पूर्ण रूप से जर्जर हो गया है जिसे प्रयोग की जाने वाली सीमा भी समाप्त हो गयी है। सम्बन्धित कार्यदायी संस्था के अधि0अभि0 से सम्पर्क कर उक्त भवन को ध्वस्त कराकर निर्माण कार्य शुरू कराये जाने का निर्देश दिया गया। चिकित्सालय परिसर में उपस्थित आशा-बहुओं एवं ए.एन.एम. से सचिव वित्त ने वार्ता की।

उन्होंने नियमित टीकाकरण कराये जाने के लिए निर्देष दिया। आशा-बहुओं द्वारा सचिव वित्त से शिकायत की गयी कि टीकाकरण अभियान एवं डिलेवरी कराये जाने पर हम सभी लोगों को पारिश्रमिक के रूप में जो धनराशि दी जाती है उस धनराशि को समय से भुगतान कराया जाये।

सचिव वित्त ने अधीक्षक सी.एच.सी. इटवा डा0 बी.के. वैद्य को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी आशा-बहू के पारिश्रमिक भुगतान की जाने वाली धनराशि पेन्डिंग न रहे। उनका भुगतान समय से कराया जाये। इसके साथ ही साथ जननी सुरक्षा योजना के अन्तर्गत प्रसूता महिलाओं को सरकार द्वारा दी जा रही सहायता धनराशि उनके खातें में समय से प्रेषित किये जाने का निर्देश दिया गया।

वित्त सचिव द्वारा राजकीय इण्टर काजेल इटवा का निरीक्षण किया गया

शासन के निर्देशानुसार जनपद में विकास कार्यो/कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराये जा रहे निर्माण कार्यो तथा इसके साथ ही साथ जनपद में स्वास्थ्य व्यवस्था से सम्बन्धित आम जनमानस को दी जा रही सुविधाओं की जानकारी लेने के लिए सचिव, वित्त उ0प्र0 शासन श्री महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल द्वारा आज तहसील इटवा के अन्तर्गत मल्टी सेक्टोरल प्लान योजना के अन्तर्गत ग्राम पंचायत इन्द्री ग्रान्ट में निर्मित राजकीय इण्टर काजेल, स्वीकृत वर्ष-2013-14, स्वीकृत लागत-290.34 लाख, कार्यदायी संस्था-सी.एण्ड डी.एस., उ0प्र0 जल निगम द्वारा बनाये गये भवन का भौतिक सत्यापन सचिव, वित्त उ0प्र0 शासन श्री महेन्द्र प्रसाद अग्रवाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर सचिव वित्त के साथ मुख्य विकास अधिकारी श्री अनिल कुमार मिश्र, कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर ए.के. सिंह, अधि0अभि0 जल निगम पवन कुमार यादव, सहायक अभि0 डी0आर0डी0ए0 वेदप्रकाश, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी/प्र0 जिला सूचना अधिकारी आशुतोष पाण्डेय, उपस्थित रहे।

राजकीय इण्टर काजेल भवन निरीक्षण के समय विद्यालय की बाउन्ड्री वाल परिसर के अन्दर कार्यदायी संस्था द्वारा मिट्टी भराया नही गया है जिससे विद्यालय के अन्दर गड्ढों में पानी भरा हुआ पाया गया। सचिव वित्त द्वारा कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रोजेक्ट मैनेजर सी.एन.डी.एस. को निर्देश दिया कि विद्यालय परिसर में मिट्टी भरा दी जाये, जिससे जल जमाव की स्थिति न रहे। इसके पश्चात नवनिर्मित विद्यालय भवन के कमरों, बरामदों को देखा गया।