कोरोना संकट के बीच भारत में शैक्षणिक संस्थानों के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की जाएगी जारी

भारत में कोरोना के मामले अभी भी तेजी से बढ़ रहे हैं. लेकिन इन हालातों के बीच केंद्र सरकार दोबारा से स्कूल खोलने का प्लान बना रही है. केंद्र ने एक सितंबर से 14 नवंबर के बीच चरणबद्ध तरीके से स्कूलों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों को फिर से खोलने की योजना तैयार की है.

द इकोनॉमिक्स टाइम्स की खबर के मुताबिक केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए मंत्रियों का एक समूह बनाया था. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन के नेतृत्व में इस समूह की बैठक हुई. इसमें मंत्रियों के समूह से जुड़े सचिवों के समूह द्वारा योजना के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई है. इस दौरान स्कूल-कॉलेजों को खोलने को लेकर चर्चा हुई.

द इकोनॉमिक्स टाइम्स के मुताबिक स्कूलों को खोलने को लेकर फैसले के बारे में इस महीने के अंत तक दिशानिर्देश जारी किए जा सकते हैं. खबर के मुताबिक अंतिम निर्णय राज्य सरकारों पर छोड़ा जाएगा कि वे कैसे और कब छात्रों को कक्षाओं में वापस ला पाते हैं. सूत्रों के मुताबिक अगले अनलॉक की गाइडलाइन में स्कूल के खुलने की संभावना है, जो 1 सितंबर से लागू होगी.

स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के लिए व्यापक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी. दरअसल जुलाई में हुए एक सर्वे के मुताबिक ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने के पक्ष में नहीं हैं. ऐसे में राज्य सरकारों का भी कहना है कि स्कूल न खुलने से उन बच्चों को परेशानी हो रही है, जो गरीब हैं और जिनके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल या लैपटॉप नहीं है. मंत्रियों के समूह की बैठक का हिस्सा रहे एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “जिन राज्यों में कम मामले हैं उन्होंने भी सीनियर क्लासेस के छात्रों को वापस लाने के लिए उत्सुकता व्यक्त की है.”

रिपोर्ट्स के मुताबिक स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा जिसमें पहले 15 दिन क्लास 10 से 12 के छात्रों को स्कूल आने को कहा जाएगा. इसी तरह हर सेक्शन के बच्चों के लिए अलग-अलग दिन निर्धारित कर दिया जाएगा.

आसान शब्दों में इसे ऐसे समझें, जैसे- अगर क्लास 10 में A,B,C,D चार सेक्शन हैं, तो सेक्शन A और C के आधे बच्चे एक दिन आएंगे. फिर C, D सेक्शन के आधे बच्चे दूसरे दिन. बाकी बचे हुए बच्चों के लिए भी इसी तरह से दिन निर्धारित कर दिया जाएगा. इसके अलावा स्कूल भी शिफ्टों में चलेंगे. जिसमें पहली शिफ्ट सुबह 8 से 11 बजे और दूसरी शिफ्ट 12 बजे से 3 बजे तक होगी. स्कूलों को सलाह दी जाएगी कि वो शिक्षकों, स्टॉफ और छात्रों की संख्या 33 प्रतिशत तक ही सीमित रखें.