जबलपुर : गाँधी जयंती पर बड़ा फुहारा में देखने को मिला निगमके सफाईकर्मी का ये हाल
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जबलपुर। निगम की डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था का शहरवासियों ने स्वागत तो किया मगर निगम के सफाईकर्मी को कचरा ढोने वाले रिक्शा की हालत पर हर कोई निगम को कोसता नजर आया। एक तरफ जबलपुर निगम निगम शहर वासियों को स्मार्ट सिटी का सपना दिखा रही है तो दूसरी तरफ ये तस्वीर शहर के स्मार्ट सिटी का भविष्य तय कर रही है। निगम की डोर-टू-डोर कचरा उठाने की व्यवस्था पर टैक्स लेने के बाद कचरे से आजादी’ की कहानी सफाई रिक्शा बयां कर रहा है।

फोटो – आनंद गुप्ता

सफाई रिक्शा चालकों की ये है हालत

गाँधी जयंती पर रात्रि में फुहारे पर नजारा देखने को मिला जब कचरा उठाने के बाद सफाईकर्मी ज्यों ही रिक्सा आगे बढ़ाया तो रिक्से के अगले चक्के रिम के सहारे खींचने लगा, और टायर हैंडिल में टंगा था। और ये आप दूसरी तस्वीर में भी निगम की लापरवाही आपको देखने को मिल रही है ये आप ‘चरई मार्ग’ पढ़ रहे है यहां भी गलत लिखा हुआ है सही नाम चरहाई है।

फोटो – आनंद गुप्ता

गांधी के सपनों के भारत की एक तस्वीर इधर भी
देश में महात्मा गांधी के सपने को साकार करने के लिए स्वच्छ भारत अभियान चलाया गया है। 2 अक्टूबर 2019 तक पूर्ण स्वच्छता प्राप्ति के लक्ष्य रखा गया था, लेकिन उसके बाद 2 अक्टूबर 2020 की ये तस्वीर बताती है की अब राष्ट्रीय स्वच्छता कार्यक्रम सिर्फ कागजों पर ही संचालित होगा।

फोटो – आनंद गुप्ता

शहर को साफ-सुथरा रखने की कुछ साल पहले स्वच्छता की जो अलख जगाई थी उसकी ये तस्वीर है। पुराने ढर्रे पर ही निगम की गाड़ी चल रही है। शहर की अधिकतर कॉलोनियों में डोर टू डोर कचरा कलेक्शन नहीं हो पा रहा है। जहां कचरे का कलेक्शन हो रहा वहां सेग्रीगेशन नहीं हो पा रहा है। ऐसे में पूरे शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर दिखावटी काम हो रहा है।

फोटो – आनंद गुप्ता

डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की लापरवाही के कारण पूरा शहर परेशान है। कचरा कलेक्शन की गाड़ी कभी भी पटरी से उतर जाती है और लोगों को दो-तीन दिन तक कचरा घरों के भीतर ही रखना पड़ता है। गलियों में कचरा फेकने की जगह ही नहीं बची। लोग अब डोर टू डोर कचरा कलेक्शन करने वालों पर ही निर्भर हो गए हैं।

कचरा कंपनी और नगर निगम के बीच जो अनुबंध है उसके अनुसार एक घर से कचरा न उठने पर नगर निगम कंपनी के बिल से 5 रुपए रोज की कटौती कर सकता है। शहर में ऐसे हजारों घर हैं जहां हर दिन डोर टू डोर का वाहन नहीं पहुंचता है। लेकिन नगर निगम ऐसा नहीं कर रहा है।