कांग्रेस नेता का ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना, कहा- अंग्रेजों का साथ देने वाले अपने पूर्वजों को सलामी दे रहे

इस ख़बर को शेयर करें:

भोपाल: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) द्वारा पार्टी से इस्तीफा दिए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सिंधिया से लेकर उनके पूर्वजों पर भी निशाना साधना शुरू कर दिया है. मध्य प्रदेश में पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने सिंधिया द्वारा इस्तीफा दिए जाने के फैसले को अंग्रेजों का साथ देने वाले उनके पूर्वजों से जोड़ते हुए कटाक्ष किया है.

अरुण यादव ने सिंधिया के इस्तीफे के बाद ट्वीट कर कहा, “ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा अपनाए गए चरित्र को लेकर मुझे जरा भी अफसोस नहीं है. सिंधिया खानदान ने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान भी जिस अंग्रेज हुकूमत और उनका साथ देने वाली विचारधारा की पंक्ति में खड़े होकर उनकी मदद की थी, आज ज्योतिरादित्य ने उसी घिनौनी विचारधारा के साथ एक बार पुन: खड़े होकर अपने पूर्वजों को सलामी दी है.” उन्होंने कहा, “आने वाला वक्त अपने स्वार्थो के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के 15 वर्षो तक किए गए ईमानदारी पूर्ण जमीनी संघर्ष के बाद पाई सत्ता को अपने निजी स्वार्थो के लिए झोंक देने वाले जयचंदों, मीर जाफरों को कड़ा सबक सिखाएगा.”

मध्य प्रदेश में सियासी उफान पूरे चरम पर है. कांग्रेस के अहम नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. इस बीच कांग्रेस (Cogress) ने उन्हें पार्टी से बर्खास्त कर दिया. इस्तीफे के बाद बर्खास्तगी का बहुत अधिक महत्व नहीं रह गया. ज्योतिरादित्य सिंधिया किसी भी समय भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो सकते हैं. सिंधिया ने इस्तीफे से पहले पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) और गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से मुलाक़ात की. सिंधिया में बीजेपी राज्यसभा भेज सकती है. उन्हें केंद्रीय मंत्री भी बनाया जा सकता है.

सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ी, इसके बाद कांग्रेस के 19 विधायकों ने विधायकी से ही इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने वाले 19 विधायकों में 6 मंत्री भी हैं. ये सभी इस समय बेंगलुरु में एक रेसॉर्ट में रुके हुए हैं. सभी ने वहीं से ही इस्तीफा दिया है. माना रहा है कि ये सभी सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होंगे.