कांग्रेस का सिंधिया पर तंज कहा बीजेपी में मंत्रियों के सामने घिघिया रहे हैं कांग्रेस में सड़कों पर उतरने की धमकी देते थे

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भोपाल। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा कृषि मंत्री को लिखे गए पत्र को लेकर कांग्रेस ने चुटकी ली है। कांग्रेस के मीडिया समन्वयक नरेंद्र सलूजा का कहना है कि सिंधिया कृषि मंत्री को ध्यान आकर्षित करवा रहे हैं या आग्रह कर रहे हैं।

ये वहीँ सिंधिया है जो कांग्रेस में रहकर मांगें न पूरी होने पर सड़कों पर उतरने कि धमकी के साथ अधिकारियों को चेतावनी देते थे और अब भाजपा में आते ही मंत्रियों के सामने घिघिया रहे हैं। सबकुछ बदल चुका है। अब आगे आगे देखिये होता है क्या।

दरअसल आज सुबह सिंधिया ने कृषि मंत्री कमल पटेल (kamal patel) को पत्र लिखा था वहां उन्होंने किसानों को लेकर कुछ मांगें की थी जिसपर सलूजा ने अब तंज कसा है। मीडिया समन्वयक सलूजा ने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया का प्रदेश के कृषि मंत्री कमल पटेल को संबोधित पत्र पढ़ा। पत्र की भाषा पढ़ी। पत्र में वे किसानों की समस्याओं को लेकर कृषि मंत्री से आग्रह कर रहे हैं।

उन्हें सुझाव दे रहे हैं। उनका ध्यान आकर्षित कर रहे हैं और आशा कर रहे हैं उनके इस पत्र पर वे सकारात्मक कदम उठाएंगे। यही ज्योतिरदित्य सिंधिया कांग्रेस की सरकार में सीधे सड़कों पर उतरने की बात करते थे। अपने दंभ में रहते थे। अधिकारियो को सीधे निर्देश देते थे, चेतावनी देते थे, वह आज भाजपा सरकार आते ही मंत्रियो के सामने घिघिया रहे है।

एक माह में ही उनकी यह स्थिति देखकर बड़ा आश्चर्य हो रहा है। अब ना अतिथि विद्वान ध्यान आ रहे हैं , ना किसान ध्यान आ रहे हैं , ना क़र्ज़ माफ़ी याद आ रही है , ना उनकी समस्या ध्यान आ रही है। ना जनसेवा ध्यान आ रही है। ना ग़रीबो की चिंता सता रही है और ना सड़कों पर उतरने की धमकी दी जा रही है।

क्या लिखा था सिंधिया ने पत्र में

सिंधिया ने कहा है कि मैं आपका ध्यान मध्य प्रदेश के किसानों की एक बड़ी गंभीर समस्या की ओर दिलाना चाहता हूं । हमारे प्रदेश में इस बार चने और सरसों की बंपर पैदावार हुई है। इन दोनों फसलों की सरकारी खरीद की सीमा अभी क़रीब 15 एवं 14 क्विंटल प्रति हेक्टेयर क्रमशः है।

मेरा आपको सुझाव है कि यह प्रयास हो कि कोरोना संकट की इस घड़ी में प्रदेश के किसानों की चने और सरसों की फसल की सरकार द्वारा खरीद सीमा 20 क्विंटल तक वृद्धि की जाए तो संकट से जूझ रहे किसान को बहुत सहयोग और सहायता मिल जाएगी।मुझे आशा है मध्य प्रदेश के अन्नदाता के हित में शीघ्र ही आपका विभाग इस विषय में सकारात्मक एवं सशक्त कदम उठाएगा।