राजस्व में आई ख़ासी बढ़ोतरी: वित्त मंत्री

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कर संग्रह के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि अप्रैल से दिसंबर 2016 के बीच राजस्व में खासी बढ़ोतरी हुई है। वित्त मंत्री द्वारा पेश आंकड़ों के मुताबिक अप्रत्यक्ष करों में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जबकि प्रत्यक्ष करों में 12 फीसदी से अधिक का इजाफा हुआ है।

इससे विनिर्माण क्षेत्र सहित सभी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने का संकेत मिलता है। जेटली ने कहा कि अप्रैल से दिसंबर 2016 अवधि में प्रत्यक्ष कर वसूली 12.01 प्रतिशत बढ़कर 5.53 लाख करोड़ रुपये हो गई जबकि इस दौरान अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले 25 प्रतिशत बढ़कर 6.30 लाख करोड़ रुपये रहा है।

अप्रत्यक्ष करों में विभिन्न क्षेत्रों में की गई वसूली का ब्यौरा देते हुये उन्होंने बताया कि इस अवधि में उत्पाद शुल्क प्राप्ति 43 प्रतिशत बढ़कर 2.79 लाख करोड़ रुपये, सेवा कर प्राप्ति 23.9 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये हो गई। जबकि इस दौरान सीमा शुल्क प्राप्ति 4.1 प्रतिशत बढ़कर 1.67 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

अकेले दिसंबर माह में पिछले साल के मुकाबले अप्रत्यक्ष कर प्राप्ति 14.2 प्रतिशत बढ़ गई। दिसंबर माह में नोटबंदी जारी रही इसके बावजूद माह के दौरान उत्पाद शुल्क प्राप्ति 31.6 प्रतिशत बढ़ी है।

जेटली ने कहा कि उत्पाद शुल्क का सीधा विनिर्माण क्षेत्र से संबंध है। माह के दौरान सेवा कर प्राप्ति भी 12.4 प्रतिशत बढ़ी है जबकि सीमा शुल्क प्राप्ति इस दौरान सोने का आयात घटने से 6.3 प्रतिशत घट गया।