जबलपुर में 500 सीटर कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य प्रगति पर

जबलपुर। प्रदेश में कक्षा 11-12 और कॉलेज में अध्ययन करने वाले पिछड़े वर्ग के छात्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिये 51 जिलों में पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक छात्रावास का संचालन पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक विभाग द्वारा किया जा रहा है। संभागीय मुख्यालय जबलपुर में 500 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य तेजी से जारी है।

विभाग द्वारा प्रदेश के 51 जिलों में 100 सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास भवनों क स्थापना की गई। इसके अलावा उज्जैन में राज्य सरकार द्वारा 100 सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास भवन का निर्माण प्रारंभ किया गया है। पिछले वर्ष भवन निर्माण के लिये विभाग के बजट में 5 करोड़ 70 लाख रुपये की राशि का प्रावधान किया गया था।

पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास

प्रदेश के 51 जिला मुख्यालयों में पिछड़े वर्ग की कक्षा 11-12 और कॉलेज में अध्ययन करने वाली छात्राओं को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिये 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास की स्थापना की गई है। इसके अलावा संभागीय मुख्यालय इंदौर में 500 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य भी पूरा किया गया है।

शाजापुर में अतिरिक्त रूप से 50 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य पूरा किया गया है। संभागीय मुख्यालय में जबलपुर 500 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। दमोह में एक अतिरिक्त 100 सीटर पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है।

उज्जैन में अतिरिक्त रूप से 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। छात्रावास भवन निर्माण के लिये विभाग द्वारा बजट में 21 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

छात्र गृह योजना

विभाग द्वारा छात्रावासों में स्थान अभाव के कारण प्रवेश से वंचित विद्यार्थियों के लिये छात्र गृह योजना संचालित की जा रही है। योजना में दो या दो से अधिक विद्यार्थियों को किराये के भवन में रहकर अध्ययन करने पर भवन किराये की प्रतिपूर्ति विभाग द्वारा की जा रही है। विभाग द्वारा तहसील, जिला एवं संभाग स्तर के छात्र गृहों के लिये किराये के भवन का मासिक किराया प्रति छात्र एक हजार रुपये निर्धारित किया गया है। पिछले वर्ष योजना में 57 लाख रुपये की राशि खर्च की गई। योजना का लाभ 917 विद्यार्थियों को दिलाया गया।