जिले में 88 प्रतिशत से पार हुआ कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट
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जबलपुर। कोरोना संक्रमण की रोकथाम और कोरोना संक्रमित मरीजों को उपचार की बेहतर सुविधायें उपलब्ध कराने जिला प्रशासन द्वारा किये जा रहे प्रयासों के अब सार्थक परिणाम सामने आने लगे हैं । पिछले दस दिनों में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार आ रही कमी और स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या में दिन-प्रतिदिन हो रहा इजाफा इसका गवाह है। जबलपुर में कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट 88.4 प्रतिशत हो गया है अर्थात कोरोना से स्वस्थ होकर कुल संक्रमितों में से 88.4 प्रतिशत मरीज घर जा चुके हैं ।

हालांकि इस बात का दावा नहीं किया जा सकता कि यह स्थिति आगे भी लगातार बनी रहेगी । लेकिन आंकड़े इस ओर इशारा जरूर कर रहे कि  धीरे ही सही जबलपुर अब कोरोना के संक्रमण को काबू में रख पाने में सफल होता दिखाई दे रहा है । इसमें सबसे महत्पूर्ण भूमिका कोरोना के संक्रमण को रोकने के प्रयासों में आम जनता से मिल रहे सहयोग, कोरोना मरीजों के उपचार के लिये अस्पतालों में आईसीयू और ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की क्षमता में वृद्धि तथा चिकित्सकों एवं नर्सिंग स्टॉफ  द्वारा कोरोना मरीजों की समर्पण भाव से की जा रही देखभाल है ।

देखा जाये तो पिछले दस दिन से जहाँ रोज 200 से कम नये कोरोना मरीज सामने आ रहे हैं । वहीं स्वस्थ होकर घर जाने वाले मरीजों की संख्या का औसत दो सौ से अधिक है । जबलपुर में अब तक कुल 10 हजार 602 व्यक्तियों को कोरोना संक्रमित पाये गये हैं । वहीं कोरोना से स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या 9 हजार 382 हो गई है ।

जबलपुर जिले की रिकवरी रेट सबसे बेहतर

कोरोना महामारी की जंग में जबलपुर जिले ने कामयाबी की मिसाल कायम की है। जिला प्रशासन की सतर्कता, नियमित मॉनीटरिंग और अस्पतालों में आई.सी.यू. एवं ऑक्सीजन सपोर्टेड बेड की क्षमता में वृद्धि और चिकित्सकों द्वारा सर्वोत्तम इलाज सुनिश्चित करने की वजह से यहां हर दिन बड़ी संख्या में कोरोना मरीज स्वस्थ होकर घर जा रहे हैं। यही वजह है कि जबलपुर जिले में कोरोना संक्रमितों की रिकवरी रेट अब 89.02 प्रतिशत हो गई है। जो राज्य की कोरोना रिकवरी रेट करीब 84 प्रतिशत की तुलना में ज्यादा है। जबकि प्रदेश के महानगरों भोपाल, इंदौर और ग्वालियर की तुलना में जबलपुर जिले की रिकवरी रेट सबसे बेहतर है।

 कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने बड़ी साफगोई से कहा कि राहत के इस संकेत को हम यह न माने कि कोरोना खत्म हो गया। हमें किसी भी तरह की ढ़िलाई और लापरवाही नहीं बरतनी है, बल्कि और सतर्क होने की जरूरत है। यही सर्तकता हमें कोरोना से बचायेगी।

जबलपुर में कोरोना के सफर में कई उतारचढ़ाव आए। लेकिन जबलपुरवासियों की जीवटता और हौसलों से कोरोना हर दिन परास्त हुआ। आलम यह है कि पिछले दस दिनों से जहाँ रोज 200 से कम नये कोरोना मरीज सामने आये हैं, वहीं स्वस्थ होकर घर जाने वाले मरीजों की संख्या का औसत प्रतिदिन दो सौ के करीब है। जिले में अब तक कुल 10 हजार 743 व्यक्तियों को कोरोना संक्रमित पाये गये हैं, इनमें से 9 हजार 564 मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा कहते हैं कि जिले में कोरोना की बेहतर रिकवरी रेट टीम वर्क का परिणाम है। कोरोना की स्थिति नियंत्रण में यहां के नागरिकों से मिले भरपूर सहयोग को कलेक्टर श्री शर्मा सर्वाधिक महत्वपूर्ण वजह मानते हैं। श्री शर्मा ने कहा कि प्रशासन की अपनी सीमा व दायरे के भीतर रहकर काम करने की बाध्यताएं और चुनौतियां होती हैं, लेकिन जनता से सहयोग और भागीदारी से तमाम तरह की बाधाएं दूर हो जाती हैं। कलेक्टर ने कहा कि कोरोना से लड़ाई में जबलपुरवासियों के जज्बे और जुनून की जितनी भी तारीफ की जाए कम है। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज सहित समूचा स्वास्थ्य स्टाफ, नगर निगम का अमला, रेडक्रॉस समिति, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने सराहनीय भागीदारी निभाई है।

स्वयंसेवी संगठन जनसमस्या निवारण संस्थान ने 200 मास्क किये वितरित

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के निर्देशन में स्वयंसेवी संगठनों द्वारा रेडक्रॉस सोसायटी के तत्वावधान में चलाये जा रहे रोको-टोको अभियान के तहत आज सोमवार को जन समस्या निवारण संस्थान के कार्यकर्त्ताओं द्वारा रामपुर चौक पर लोगों की थर्मल स्केनिंग की गई तथा 200 मास्क का वितरण किया गया ।

इसके साथ ही लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिये मास्क लगाने, फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करने और बार-बार साबुन से हाथ धोने की समझाइश दी गई । इस दौरान संस्थान के पदाधिकारी कुलदीप दुबे, राहुल गढ़वाल ,दिनेश लोधी राकेश सोनकर, संजय चौहान ,वीरेंद्र साहू ,आशीष शुक्ला ,सुनील सेन उपस्थित थे ।