देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस का संचालन बंद, चौंकाने वाली वजह आई सामने

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लखनऊ. देश की पहली कारपोरेट ट्रेन का तमगा पाई तेजस एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन अगले आदेश के लिए बंद कर दिया गया है. ये ट्रेन अब लखनऊ से नई दिल्ली के लिए नहीं चलेगी. रेलवे बोर्ड ने ये बड़ा फैसला यात्रियों के अभाव में किया है, क्योंकि ट्रेन में यात्री टिकट बुकिंग नहीं करा रहे थे. इसकी बुकिंग में दिन ब दिन गिरावट दर्ज की गई थी. इसके चलते फिलहाल इसके संचालन को रोकने का फैसला किया गया है.

बताया जा रहा है कि गुजरी 23 नवंबर के बाद 20 से 30 यात्री ही रोजाना सीटों की बुकिंग करा रहे थे. हालांकि इस ट्रेन में यात्रियों के लिए ढेरों सुविधाएं हैं बावजूद इसके ये यात्रियों को शायद लुभा नहीं पाया है. ऐसे में रेलवे बोर्ड ने आईआरसीटीसी को 23 नवंबर से अगले आदेश तक ट्रेन को निरस्त करने के लिए आदेश दिए हैं. बता दें कि आईआरसीटीसी ने रेलवे बोर्ड को 23 नवंबर से ट्रेन को निरस्त करने के लिए पत्र लिखा था. ये ट्रेन पहली बार लखनऊ से चार अक्टूबर 2019 चली थी.

अब आखिरी बार ट्रेन गत 22 नवंबर की सुबह साढ़े छह बजे लखनऊ से नई दिल्ली 200 करीब यात्री लेकर रवाना हुई थी. आमतौर पर दिपावली में ट्रेनों में हर बार खासतौर पर दीपावली के त्योहार के समय मारा—मारी रहती है लेकिन तेजस को इससे भी फायदा नहीं मिला. जबकि एडवांस में 10 दिन का आरक्षण बढ़ाकर एक महीने कर दिया गया था लेकिन इसके बावजूद यात्रियों ने इसमें दिलचस्पी नहीं ली.

ऐसा नहीं है कि संकट सिर्फ तेजस एक्सप्रेस ट्रेन के साथ है. लखनऊ और दिल्ली के बीच यात्रियों की संख्या कम होने का खामियाजा शताब्दी, लखनऊ मेल व एसी स्पेशल जैसी वीआईपी ट्रेनों को भी उठाना पड़ रहा है. इन ट्रेनों में हर चेयरकार से लेकर स्लीपर तक कई सीटें खाली रह रही हैं.