मौनी अमावस्या पर करोड़ों श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों ने विभिन्न घाटों पर स्नान कर बढ़ाई कुंभ की गरिमा

प्रयागराज: प्रयागराज 2019 दिव्य कुंभ भव्य कुंभ आस्था और श्रद्धा का प्रतीक अतुलनीय, अविस्मरणीय और अविश्वसनीय सोमवती मौनी आमावस्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब।

अतुलनीय, अविस्मरणीय और अविश्वसनीय सोमवती मौनी अमावस्या में उमड़ा आस्था का जनसैलाब।

प्रयागराज :4 फरवरी 2019 देश/ विदेश के कोने-कोने से करोड़ों श्रद्धालुओं, संत-महात्माओं, गॉव की झोपड़ियां से लेकर महलों तक के लोगों, विभिन्न वेष-भूषा, बोल-चाल और रंग-ढ़ंग के इस राष्ट्र की भावनात्मक एकता के प्रतीक प्रयागराज के कुम्भ-2019 में मौनी अमावस्या पर आज करोड़ों श्रद्धालुओं, स्नानार्थियों ने विभिन्न घाटों पर स्नान कर कुम्भ की गरिमा को बढ़ाया।

रेलवे स्टेशनों पर भी भारी भरकम भीड़

मेला क्षेत्र से लेकर प्रयागराज नगर के विभिन्न सड़कों पर भी कंधे पर बैग, हाथों में बच्चों व एक दूसरे का हाथ थामे लोग गंगा मईया का जयकारा लगाते हुए संगम तट की ओर पैदल ही डग भरते रहे। स्नान करने के बाद स्नानार्थियों की भीड़ अपने गन्तव्य की ओर जा रही है। बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा सहित उन्हें निर्धारित बसो/ट्रेनों पर बैठाने की सुव्यवस्थित व्यवस्था पुलिस/रेलवे बल द्वारा की जा रही है।

मध्य रात्रि ब्रह्म मुहूर्त में ही स्नान के लिए उमड़ा जनसैलाब

लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगायी आस्था की डुबकी।  हेलिकॉप्टर से निरंतर होती रही स्नानार्थियों पर पुष्प-वर्षा।

शोभा यात्रा के साथ विदेशी साधु संत स्नान के लिए जाते हुए

इस आस्था के जनसैलाब को दृष्टिगत रखते हुए मेला प्रशासन ने बड़ी ही चुस्त-दुरुस्त व्यवस्था बनाये रखी। श्रृंग्वेरपुर से लेकर किला घाट तक गंगा, यमुना और संगम तट के दोनों तरफ 8 किमी. बनाये गये 40 सुगम घाटों पर खुले क्षेत्रों में लोगों ने चतुर्दिक स्नान किया। सुव्यवस्थित वेंडिंग जोन तथा सुगम यातायात व्यवस्था के प्रभाव से स्नानार्थियों का अवागमन व्यवस्थित एवं सुगम रही, कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न नहीं होने पायी।

संगम तट पर डुबकी लगाने जाते जनमानस का भारी सैलाब

मौनी अमावस्या पर निरन्तर हेलिकॉप्टर द्वारा स्नानार्थियों/श्रद्धालुओं, संत महात्माओं के शाही जुलूस पर बार-बार पुष्प वर्षा की गयी। साथ ही उक्त हेलीकॉप्टर से मेले की निगरानी भी की जा रही है।

संगम तट पर उमड़ा भारी जन सैलाब प्रयागराज कुंभ का अविश्वसनीय दृश्य

मेले में आये स्नानार्थियों/श्रद्धालुओं के अपने परिवार से बिछड़ने पर पुलिस द्वारा अपरान्ह 4 बजे तक 5200 खोये हुए लोगों को डिजिटल खोया-पाया केन्द्रों से उनके परिजनों से खोया-पाया केन्द्रों के माध्यम से मिलवाया गया। इसके अतिरिक्त विभिन्न स्वयं सेवी संस्थाओं के द्वारा भी खोया-पाया की सेवा तत्परता से की जा रही है।

दीप प्रज्वलित करके अस्त्र शस्त्र से सुसज्जित शोभा यात्रा के रूप में संगम तट पर स्नान करने जाती महिला साधु

आज अखाड़ों के साधु संतो ने भव्य आकर्षक और गाजे बाजों के साथ संगम पर हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ दूसरा शाही स्नान किया।

संगम तट पर स्नान करते श्रद्धालु गण

पतितपावनी गंगा-यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम पर लोगों ने शुभ-मुहूर्त के शुभारम्भ से ही डुबकी लगानी शुरु कर दी। हल्के कोहरे तथा ठण्ड पर भी लोगों की आस्था का सैलाब भारी रहा। संगम क्षेत्र के चतुर्दिक क्षेत्रों में रात्रि से ही आस्था और श्रद्धा का जनसैलाब उमड़ने लगा। इस सोमवती मौनी आमावस्या पर हर श्रद्धालु में जबरदस्त जोश व उत्साह देखने को मिला। स्नान के बाद श्रद्धालुओं/स्नानार्थियों के दान-पुण्य का कार्यक्रम जारी रहा।

संगम तट पर आस्था की डुबकी लगाते साधु संत

3 फरवरी 2019 की मध्य रात्रि से मौनी अमावस्या का स्नान मुहूर्त आरंभ हो गया जो आज रात्रि तक चल रहा है। इस कुम्भ में 40 घाटों पर सायं 5 बजे तक लगभग 5 करोड़ श्रद्धालु संगम में डुबकी लगाकर कुम्भ के साक्षी बने। अभी रात्रि तक स्नान जारी रहने की संभावना है, लोग लगातार स्नान कर रहे हैं। आज के मौनी अमावस्या की यह भी महत्ता है कि यह सोमवार के दिन होने से बड़ा ही पुण्य व कल्याणकारी माना गया है। सोमवारी मौनी अमावस्या दशकों बाद पड़ता है, इसलिए इस पर्व की भारतीय संस्कृति में और भी महत्ता बढ़ गयी है। तीर्थराज प्रयाग का यह कुम्भ स्नान, दान-पुण्य ,ध्यान के लिए कल्याणकारी माना गया है।

मध्य रात्रि ब्रह्म मुहूर्त में आस्था और श्रद्धा की डुबकी लगाने जाते नागा साधु नाचते गाते हर हर महादेव का नारा लगाते नागा साधु

कुंभ की शान नागा साधु शाही स्नान का दृश्य देखते हुए आम जनमानस अपने आप को नहीं रोक पाता यही तो प्रयागराज की शान है श्रद्धा और आस्था का प्रतीक|

दिव्य कुंभ भव्य कुंभ कुंभ की शान कुंभ की संस्कृति नागा साधुओं का शाही स्नान धूमधाम से नाचते गाते हर हर महादेव का जयकारा करते नागा साधु शाही स्नान करने जाते हुए

यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रुप में मान्यता प्राप्त, भारत की आध्यात्मिक सांस्कृतिक, सामाजिक एवं वैचारिक विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोने वाला यह कुम्भ भारतीय संस्कृति का द्योतक है। इस कुम्भ में पूरे भारत की संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। अपने सिर पर आवश्यक वस्तुओं की गठरी रखे एवं बैग लिए अपने वेश-भूषा में देश और प्रदेश के ग्रामीण परिवेश के वृद्ध पुरुष, महिलायें, युवा सभी उम्र के लोगों का हुजूम आज देखने को मिल रहा है। भारतीय जन-जीवन, आध्यात्मिक चिंतन और विभिन्न भारतीय संस्कृति की सरिता का संगम कुम्भ में दिखाई दे रहा है।

प्रशासन की चाक-चौबंद सुरक्षा के दायरे में संगम की ओर स्नान करने जाते श्रद्धालु

प्रशासनिक अमला श्रद्धालुओं के स्नान कराने व उनके गन्तव्य तक पहुॅचाने में रहा सक्रिय।

अपने निजी वाहनों से शिविरों से शोभा यात्रा के रूप में भारी जन सैलाब के साथ संगम तट पर आस्था और श्रद्धा की डुबकी लगाने जाते साधु संत महात्मा

सबसे पहले श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी/श्री पंचायती अटल अखाड़ा ने पूर्वान्ह 6ः15 बजे स्नान किये। उसके बाद पंचायती निरंजनी अखाड़ा, तपोनिधि श्री पंचायती आनन्द अखाडा ने पूर्वान्ह 7.05 बजे संगम तट पर पहुंचकर स्नान किया। उसके बाद पंचदशनाम जूना अखाड़ा/श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा/श्री शम्भू पंच अग्नि अखाड़ा ने पूर्वान्ह 8 बजे संगम घाट पर स्नान किया। उसके बाद अखिल भारतीय श्री पंचनिर्वाणी अनी अखाड़ा ने पूर्वान्ह 10.40 बजे, अखिल भारतीय श्री पंच दिगम्बर अनी अखाड़ा ने पूर्वान्ह 11.20 बजे, अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा ने अपरान्ह 12.20 बजे, श्री पंचायती अखाड़ा नया उदासीन ने अपरान्ह 1.15 बजे, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन ने अपरान्ह 2.20 बजे तथा श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल ने अपरान्ह 3.40 बजे संगम घाट पर पहुॅचकर स्नान किया।

अखाड़ों के साधु संतों की शोभा यात्रा संगम तट पर स्नान करने जाती हुई जनमानस अपने आप को उनके दर्शन कर कृतज्ञ होता हुआ

कम से कम पैदल दूरी पर चलकर श्रद्धालुओं ने स्नान किया। मेले में किसी भी क्षेत्र से किसी अप्रिय घटना की जानकारी नहीं मिली। मेला प्रशासन पूरी तैयारी के साथ चप्पे-चप्पे पर नज़र रखते हुए श्रद्धालुओं को विनम्रता के साथ मार्गदर्शन करते हुए सुरक्षित गन्तव्य तक भिजवाया जा रहा है।

दिव्य कुंभ भव्य कुंभ 2019 प्रयागराज की धरती पर सोमवती मोनी अमावस्या के पावन पर्व पर संगम स्नान के लिए जाते जनमानस का भारी सैलाब

2019 के दिव्य कुंभ भव्य कुंभ में कुंभ की शान कहे जाने वाले नागा साधु के शाही स्नान को देखने के लिए और उनको देख कर अपने को कृतज्ञ करने को श्रद्धालुओं का भयंकर जनसैलाब रहा|

घोड़े पर सवार शोभायमान होकर हर हर महादेव का जयकारा लगाते स्नान करने जाते नागा साधु

सबसे खास बात यह रही है कि इतने बडे़ जनसमुद्र ने जिस उल्लास और उत्साह के साथ इस पर्व को सम्पन्न किया है, उसमें सायं काल तक किसी भी प्रकार की अप्रिय या दुर्घटना का समाचार नहीं मिला है।[ब्यूरो रिपोर्ट प्रयागराज]