चक्रवाती तूफ़ान ‘फोनी’ अत्यधिक भीषण स्तर पर

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चक्रवात फोनी से निपटने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां, ओडिशा से आठ लाख लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए चल रहा है अभियान , पुरी से चलायी जा रही हैं विशेष ट्रेनें , राज्य के कई इलाकों में हो रही है बारिश , कल दोपहर बाद ओडिशा तट को पार कर जाने की आशंका ।

मौसम विभाग के अनुसार फोनी के और तेज होने और शुक्रवार दोपहर बाद ओडिशा तट को पार कर जाने की आशंका है। शाम तक दक्षिणी तटीय ओडिशा के कुछ स्‍थानों पर तेज बारिश हो सकती है। जबकि 3 और 4 मई को तटीय ओडिशा के साथ ही भीतरी ओडिशा में भी अधिकांश स्‍थानों पर भारी बारिश और कुछ स्‍थानों पर बहुत तेज बारिश होने की संभावना है।

हालात की गंभीरता के मद्देनजर तीनों राज्‍यों में सेना और वायु सेना की इकाइयों को चौकस रखा गया है। लोगों को निकालने के लिए पुरी से विशेष ट्रेनें चलायी गयी हैं । संभावित स्थिति से निपटने को लेकर संबंधित राज्‍यों और केंद्र सरकार के तमाम विभागों की तैयारियों की समीक्षा बैठकों का दौर भी जारी है।

कैबिनेट सचिव पी के सिन्हा ने चक्रवाती तूफान फोनी के रास्ते में आने वाले क्षेत्रों से लोगों को निकालने और उनके लिए भोजन, पेयजल और दवाईयों जैसी आवश्यक सामग्री की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिये हैं।

राज्य और केंद्र की तैयारियों की समीक्षा के लिए राष्‍ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति की बैठक में उन्‍होंने तूफान से उत्पन्न स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त तैयारी रखने की सलाह दी। भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने राहत और बचाव कार्यों के लिए जहाजों और हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है। एनडीआरएफ ने आंध्र प्रदेश में 12, ओडिशा में 28 और पश्चिम बंगाल में छह दलों को तैनात किया है।

चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ के मद्देनज़र ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने संबंधित विभागों के अधिकारियों से बात की और राहत और बचाव कार्यों की रूपरेखा पर चर्चा की। बैठक के बाद नवीन पटनायक ने कहा कि हमने बचाव के लिए कई उपायों पर चर्चा की है ओडिशा के तटीय इलाकों से शाम तक 8 लाख लोगों को निकालने का अभियान जारी है ।