पुलिस एनकाउंटर में कुख्यात डकैत चंदन गड़रिया ढेर
ग्वालियर। मध्यप्रदेश के जिला शिवपुरी में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में पुलिस ने कुख्यात डकैत चंदन गड़रिया को मार गिराया। चंदन पर 30 हजार रुपए का इनाम था। मुठभेड़ केनवाया के जंगल में हुई। वहीं उसकी प्रेमिका चंदा अपने साथियों के साथ अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गई। पुलिस का मानना है कि इस मुठभेड़ में गिराेह के कुछ लोग घायल भी हो सकते है। उनको पकड़ने के लिए पुलिस जंगल में सर्चिंग तेज कर दी है।
पुलिस ने बताया कि देर रात मुखबिर के जरिए पुलिस को चंदन गड़रिया की लोकेशन जंगल में मिली थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तुरंत तीन टीमें बनाई और जंगल में सर्चिंग शुरू कर दी। अभी पुलिस टीम जंगल में सर्चिंग कर ही रही थी कि केनवाया के जंगल में लगभग आठ किलोमीटर दूर बालूझोरा टीेले के पास पुलिस को कुछ खुसर – फुसर की आवाज सुनाई दी। पुलिस ने जब टीले के पास जाने की कोशिश की तो डकैतों ने फायरिंग शुरू कर दी। जबाबी कार्यवाही में पुलिस की फायरिंग में डकैत चंदन गड़रिया मारा गया और उसकी प्रेमिका और उसके अन्य साथी मौके देखकर फरार हो गए ।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही शिवपुरी पुलिस ने 30 हजार के इनामी डकैत चंदन गड़रिया के पिता व भाई को गिरफ्तार करके उस पर शिंकजा कसना शुरू कर दिया था। आराेपी पिता पुत्र पर चंदन के गिरोह के लिए रसद और कारतूस पहुंचाने का आरोप था।
उधर चंदन गड़रिया पर भी इनाम की राशि दस हजार से बढ़ाकर तीस हजार कर दी गई थी।वही, चंदन के हर जुर्म में साथ देने वाली महिला डकैत चंदा पर पुलिस ने दस हजार का इनाम घोषित कर दिया था। पुलिस ने इन दोनों के साथ ही चंदन गड़रिया गैंग के अन्य सदस्यों कल्लू, बलवीर, मोहन लोधी और भोंजा पर भी 10 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।
आतंक का पर्याय बन चुका था चंदन
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार के गड़रिया गिरोह धीरे-धीरे अपनी ताकत बढ़ाने की कोशिश कर रहा था। जंगल में फिर से सिर उठा रहे गिराेह ने कुछ दिन पहले एक दूधिया का अपहरण भी कर लिया था। गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कुछ दिन पहले इनाम की राशि बढ़ाई थी। ताकि ये जल्द से जल्द पकड़ में आ सकें।
चंदन की प्रेमिका है चंदा
कुछ दिनों पहले ही पुलिस ने जंगल में चंदन गड़रिया से मुठभेड़ कर अपहृत युवक को छुड़ाया था। गैंग से छूटने के बाद अपहृत सीताराम जाट ने पुलिस को कई अहम जानकारियां दी थी। सीताराम ने बताया था कि के गड़रिया गैंग में एक चंदा नाम की महिला डकैत भी है जो दूसरे डकैतों जितनी ही खतरनाक है। वह अपहरण करके लाए गए युवकों के साथ बेरहमी से मारपीट करती है। वहीं उसने बताया कि छोटा कद और जींस-टीशर्ट पहनने वाली चंदा दूसरों की तरह अपने कंधे पर बंदूक टांगकर दिन भर घूमती है और चंदन के बाद उसे ही गड़रिया गिरोह में सबसे अहम माना जाता है।
सीताराम ने पुलिस को बताया था कि चंदा, चंदन गड़रिया की ही प्रेमिका है जो गिरोह के हर काम में साथ देती है। जबकि कई काम ऐसे हैं जो चंदा के आदेश से ही गिरोह के लोग कर देते है। और गिरोह के सदस्य भी उसके आदेश के कभी खिलाफ नहीं जाते।
इनका कहना है:
शनिवार को अलसुबह जंगल में डकैतों के छिपे होने की जानकारी मिली थी, जंगल में जब सर्चिंग की तो डकैतों से पुलिस टीम का आमना-सामना हो गया। इस मुठभेड़ में गिरोह का मुखिया चंदन गड़रिया मारा गया है। वहीं उसके अन्य साथी फरार हैं, जंगल में पुलिस सर्चिंग तेज कर दी गई है। जल्दी ही गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ लिया जाएगा।