नहीं रहीं दिल्ली की पूर्व CM शीला दीक्षित, 81 साल की उम्र में निधन

47

दिल्ली की पूर्व सीएम और कांग्रेस की अनुभवी नेता शीला दीक्षित अब इस दुनिया में नहीं रहीं। हाल ही में अपना आखिरी चुनाव लड़ने वाली 81 वर्षीय शीला ने शनिवार को एस्कॉर्ट्स हॉस्पिटल में आखिरी सांसें लीं। उनके निधन की खबर से कांग्रेस में शोक की लहर दौड़ गई है और पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि वह इस खबर को सुनकर टूट गए हैं।

दिल्ली की सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहीं शीला के राजनीतिक विरोधी तो थे, लेकिन दुश्मन नहीं। इसलिए उन्हें उत्तर-पूर्व दिल्ली से लोकसभा चुनाव में मात देने वाले बीजेपी के मनोज तिवारी जीत के बाद उनसे मिलने पहुंचे। भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन चलाकर उन्हें सत्ता से बाहर करने वाले सीएम अरविंद केजरीवाल के साथ भी उनके संबंध निजी जीवन में अच्छे थे।

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का निधन हो गया. वह 81 साल की थीं. वह लंबे समय से बीमार चल रही थीं. उनका एस्कॉर्ट हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था. दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा था. इसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया. लेकिन 3 बजकर 55 मिनट पर उनका निधन हो गया.

शीला दीक्षित साल 1998 से 2013 तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. उनके नेतृत्व में लगातार तीन बार कांग्रेस ने दिल्ली में सरकार बनाई. वह सबसे लंबे समय (15 साल) तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. शीला दीक्षित का अंतिम संस्कार रविवार को दोपहर ढाई बजे दिल्ली के निगमबोध घाट पर होगा. उनके पार्थिव शरीर को उनकी बहन के घर रखा गया है, जहां कई वरिष्ठ नेताओं ने पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि दी. रविवार को दोपहर 12 बजे शीला दीक्षित का पार्थिव शरीर कांग्रेस दफ्तर में रखा जाएगा.

कांग्रेस की कद्दावर नेता रहीं शीला दीक्षित का जन्म 31 मार्च 1938 को पंजाब के कपूरथला में हुआ. उन्होंने दिल्ली के कॉन्वेंट ऑफ जीसस एंड मैरी स्कूल से पढ़ाई की और फिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के मिरांडा हाउस कॉलेज से मास्टर्स ऑफ आर्ट्स की डिग्री हासिल की. शीला दीक्षित साल 1984 से 1989 तक उत्तर प्रदेश के कन्नौज से सांसद रहीं. बतौर सांसद वह लोकसभा की एस्टिमेट्स कमिटी का हिस्सा भी रहीं.