प्रयागराज : अतीक अहमद के करीबी राशिद समेत दो के मकान ढहाए
इस ख़बर को शेयर करें

प्रयागराज : पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके करीबियों पर पुलिस और प्रशासन का शिकंजा कस रहा है। मंगलवार को बेली में अतीक अहमद के करीबी राशिद के दो मकान ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान घर की महिलाओं ने बच्चों के साथ सड़क पर धरना दिया। वहीं, बेली गांव में कम्मू और जाबिर का मकान ढहाया गया। इस मकान को आंशिक रूप से पहले ही तोड़ दिया गया था।

कार्रवाई कर रही टीम का कहना है कि बेली में अतीक के करीबी राशिद ने करीब 400 वर्ग गज सरकारी आस्थान की जमीन कब्जा कर दो मंजिला भवन बनवाया था। इस भवन के एक हिस्से में परिवार रहता था जबकि दूसरे हिस्से में कूलर का गोदाम था। इसे किराए पर दिया गया था। पुलिस, प्रशासन और विकास प्राधिकरण की टीम जेसीबी के साथ यहां दोपहर 12 बजे पहुंची। जेसीबी और पोकलैंड की मदद से मकान ढहाने की कार्रवाई शुरू हुई।

कार्रवाई के दौरान राशिद के परिवार की महिलाएं एवं बच्चे समेत करीब 20 से 25 लोग भवन के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार वालों का कहना था कि उनका और परिवार का अतीक अहमद से कोई लेना देना नहीं है। उन्होंने कभी अतीक अहमद को देखा तक नहीं है। बिना किसी नोटिस मकान तोड़ा जा रहा है। इस मकान के बाद बेली गांव में कम्मू और उसके भाई जाबिर का मकान तोडऩे की कार्रवाई शुरू हुई जो शाम तक चलती रही।

ये लॉज बीते शनिवार को आंशिक रूप से तोड़ा जा चुका था। उस दिन अंधेरा होने से कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। विकास प्राधिकरण के जोनल अधिकारी शत शुक्ला का कहना है कि बेली में सरकारी आस्थान की करीब चार सौ वर्ग गज जमीन पर कब्जा कर भवन बनवाया गया था। प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था जिसके बाद भवन तोड़ा गया है।

नेताओं के विरोध को दरकिनार कर फिर चली जेसीबी
बेली में राशिद के जिस मकान को तोडऩे को लेकर चार दिन पूर्व विवाद हुआ था उस मकान पर मंगलवार को जेसीबी चलवाई गई। शाम को जेसीबी की मदद से फिर करीब एक घंटे तक मकान को तोड़ा गया। अभी यहां काफी काम बचा है। अधिकारियों का कहना है कि यहां करीब दस बिस्वा जमीन पर कब्जा कर निर्माण कराया गया है। फ्रंट कम चौड़ा होने से जेसीबी चलने में दिक्कत हो रही है। इस मकान को फिर तोड़ा जाएगा।