डेंगू और चिकनगुनिया के लक्षण व इनसे बचने के घरेलू उपाय

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चिकनगुनिया एक वायरल डिजीज है जो मच्छरों द्वारा काटने से फैलती है। दरअसल, चिकनगुनिया से त्रस्त लोगों को भयंकर जॉइंट पेन से गुजरना पड़ता है और ऐसे में वे ठीक से चल नहीं पाते और अक्सर झुक-झुक कर चलते हैं, यही कारण है की इस बीमारी को Chikungunya का नाम दिया गया। और कुछ लोग इसे लंगड़ा बुखार भी कह रहे है।

चिकनगुनिया ( लंगड़ा बुखार ) से लोग बेहाल है 

चिकित्सकों के अनुसार वायरल बुखार में इस बार बदन तेज तपने के साथ ही बदन में दर्द हो रहा है। मरीजों को हाथ-पैर के जोड़ में असहनीय पीड़ा हो रही है। दवा देने के बाद वायरल बुखार तीन से पांच दिन में ठीक हो रहा है। इसके बाद बदन दर्द बना हुआ ही है। चिकनगुनिया के मरीजों का बुखार ठीक होने में 15 दिन तक का वक्त लग रहा है। इसके बाद दवा लेने के बाद भी मरीज जोड़ों में दर्द करीब एक माह तक रहने की शिकायत कर रहे है। तमाम दवाओं के सेवन के बावजूद मरीजों को दर्द से राहत नहीं मिल रही है।

चिकनगुनिया फैलता कैसे है?

जब चिकनगुनिया से ग्रसित किसी आदमी को कोई मच्छर काटता है और फिर वही मच्छर किसी और आदमी को काट लेता है तो दुसरे व्यक्ति को भी चिकनगुनिया हो जाता है। मादा मच्छर हैं जो इस बीमारी को फैलाती हैं । ये मच्छर दिन में काटते हैं। Chikangunya का वायरस कैरी करने वाला एक मच्छर अपने जीवन काल में करीब 1 दर्जन लोगों को इन्फेक्ट कर सकता है।

चिकनगुनिया से बचने के उपाय / Prevention of Chikungunya

  • चिकनगुनिया एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को केवल मच्छरों के काटने से फ़ैल सकता है, इसलिए जहाँ तक हो सके मच्छरों के काटने से बचें।
  • घर में या आस-पास जल-जमाव ना होने दें।
  • मच्छरदानी का प्रयोग करें, दिन के समय भी!
  • दिन में भी mosquito repellents, like Good Knight, Mortein जला कर रखें।
  • बाहर जाते समय ओडोमॉस का प्रयोग किया जा सकता है।
  • ऐसे कपड़े पहनें जो शरीर का अधिक से अधिक भाग ढक सकें।
  • कुछ दिनों तक बच्चों को बाहर खलने न भेजें।

चिकनगुनिया के लक्षण क्या हैं? / Chikungunya Symptoms

इसके शुरूआती लक्षण डेंगू से मिलते-जुलते हैं और आम तौर पर ये जानलेवा नहीं होता। लेकिन इसकी वजह से होने वाला जॉइंट पेन महीनो तक परेशान कर सकता है। यदि एक बार आपको चिकनगुनिया हो गया तो शरीर इसकी प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेता है और बहुत rare है कि लाइफ में आपको दुबारा ये बीमारी होगी। Chikungunya के लक्षण infected mosquito के काटने के 3 से सात दिन बाद दिखाई देते हैं; इसके symptoms निम्नलिखित हैं:

  • अचानक से बुखार हो जाना (आम तौर पे ये 2-3 दिन में ठीक हो जाता है, लेकिन बाकी सिम्पटम्स कई दिनों तक बने रह सकते हैं)
  • जोड़ों में बहुत अधिक दर्द होना। कभी-कभी ये दर्द लम्बे समय तक बना रह सकता है।
  • मांसपेशियों में दर्द
  • थकान
  • उल्टी
  • सर दर्द
  • शरीर पर छोटे-छोटे लाल धब्बे ( red spots)
  • नवजात बच्चे और 65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए ये बीमारी घातक हो सकती है, साथ ही जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबीटीज या हृदय रोग है उनके लिए भी चिकनगुनिया खतरनाक हो सकता है।

चिकनगुनिया डेंगू से अलग कैसे है?

चिकनगुनिया डेंगू
चिकनगुनिया के लक्षण 5-6 दिनों में नज़र आते हैं। डेंगू के लक्षण 3-4 दिनों में नज़र आते हैं।
चिकनगुनिया के प्रमुख लक्षण तेज बुखार और जोड़ों का दर्द है। डेंगू में तेज बुखार तो होता है पर जोड़ों में दर्द कम होता है, इसमें आँखों के पीछे दर्द होता है।
अधिकतर मामलों में चिकनगुनिया जानलेवा नहीं होता है। डेंगू जानलेवा हो सकता है।
अल्फावायरस की वजह से होता है। डेंगू वायरस के कारण होता है।
चिकनगुनिया के लक्षण 3-6 महीनो तक बने रह सकते हैं। डेंगू के लक्षण लगभग 15 दिनों में ख़त्म हो जाते हैं।
चिकनगुनिया में प्लेटलेट काउंट नहीं गिरता। डेंगू में प्लेटलेट काउंट तेजी से नीचे आता है।
कैसे पता चलेगा कि मुझे चिकनगुनिया है कि नहीं?
  • चिकनगुनिया के लक्षण डेंगू और जिका बीमारी से मिलते-जुलते हैं और इन बीमारियों को फैलाने वाले मच्छर ही चिकनगुनिया भी फैलाते हैं।
  • अगर आपको ऊपर बताये गए लक्षण में से कुछ महसूस हो रहा है और आप ऐसे इलाके में हैं जहाँ ये बीमारी फैली हुई है तो आपको डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।
  • यदि आप किसी ऎसी जगह से घूम कर आये हैं जहाँ ये बीमारी फैली है और आपको अपने अन्दर चिकनगुनिया के कुछ लक्षण दिख रहे हैं तो भी आपको डॉक्टर से मिलना चाहिए।
  • डॉक्टर बीमारी का पता लगाने के लिए कुछ ब्लड टेस्ट लिखते हैं, जिन्हें करा कर आप जान पायेंगे कि आपको चिकनगुनिया है कि नहीं।
  • यदि आपको चिकनगुनिया है तो अपनी बीमारी के पहले हफ्ते में मच्छरों के काटने से बचिए, क्योंकि इस दौरान Chikungunya virus आपके खून में मिल सकता है और आपको काटे हुए मच्छर से और लोगों में फ़ैल सकता है।
चिकनगुनिया बीमारी का इलाज व घरेलू उपचार

चिकनगुनिया के लिए खासतौर से कोई वैक्सीन या दवा नहीं बनी है। लेकिन, चूँकि चिकनगुनिया हमारे immune system द्वारा ठीक किया जा सकता है इसलिए लगभग सभी मामलों में चिंता की अधिक बात नहीं होती। Symptoms के आधार पर ही इसका इलाज चलता है- जैसे कि जोड़ों के दर्द के लिए painkillers देना। मरीज को खाने में अधिक से अधिक तरल पदार्थ देना। खूब आराम करना इत्यादि। दवा लेने में ये ध्यान रखें की Aspirin का सेवन न किया जाए।

अधिकतर तीन दिन के बाद चिकनगुनिया का प्रभाव कम पड़ने लगता है और पूरी तरह ठीक होने में दो हफ्ते लग जाते हैं। लेकिन वृद्ध लोगों में रिकवरी स्लो होती है और पूरी तरह स्वस्थ होने में तीन महीने तक लग सकते हैं। Extreme cases में जॉइंट पेन एक साल तक भी रह सकता है।

चिकनगुनिया ठीक करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय
आयुर्वेद में चिकनगुनिया से मिलती जुलती एक बीमारी संधि-ज्वर यानि “जोड़ों का बुखार” का उल्लेख मिलता है। इसलिए वैद्यों द्वारा इस बीमारी के कई आयुर्वेदिक उपचार बताये गए हैं। आयुर्वेद में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढाने पर जोर दिया जाता है ताकि हम बीमार ही ना पड़ें।

  • चिकनगुनिया होने से रोकने के लिए इन्थुक्न्थ्म कश्या और विल्वाडी गुलिका का प्रयोग किया जाना चाहिए।
  • शहद और नीबू का मिश्रण लेने से इस बीमारी में आराम मिलता है।
  • बुखार कम करने के लिए तुलसी का प्रयोग करें।
  • खूब आराम करें, अधिक सोयें और खूब पानी पीयें।
  • एक healthy diet maintain करें और ताजे फल और सब्जियों का सेवन करें।
  • चिकनगुनिया से छुटकारा पाने के लिए हमारा immune system काफी है, पर खुद को आराम देकर आपको अपनी बॉडी को सपोर्ट करना होगा।
  • शुरू के दो-तीन दिन बुखार रह सकता है जिसे manage करने के लिए आप paracetamol ले सकते हैं। बाकी कोई भी दवालेने के लिए एक बार डॉक्टर से ज़रूर कंसल्ट करें।
  • चिकनगुनिया बुखार के दौरान नॉन-वेज खाना अवॉयड करना चाहिए।
  • जोड़ों के दर्द के लिए नारियल तेल से हल्की-हल्की मालिश की जा सकती है।
  • गाजर के जूस का सेवन करने से body की immunity बढती है और शरीर को आराम मिलता है।
  • जिन जोड़ों में दर्द है उनसे हलकी exercise करना भी दर्द को कम करता है।
  • माना जाता है कि कीरायत का काढ़ा पीने से इस बीमारी में फायदा होता है। हालंकि, ये चीजें डॉक्टर की दवा के साथ-साथ चलायी जाई जानी चाहियें।
  • हरदा, आंवला और बेहड़ा से मिलकर बना त्रिफला चूर्ण खाने से चिकनगुनिया के लक्षण कम होते हैं।
  • चिकनगुनिया की वजह से हो रहे जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए योगराज गुग्गुल, त्रिफला गुग्गुल, पुनर्नवा, वैट-गजनकुश, सिंघनाद गुग्गुल, दशमूल अरिष्ठा, निर्गुन्डी और चित्रक का प्रयोग किया जा सकता है.
  • यदि चिकनगुनिया से ग्रसित व्यक्ति के White Blood Cell (WBC) में गिरावट आई है तो उसे अश्वगंधा, सुवर्णा-मालिनी-वसंत, स्वर्ण-पर्पाटी, अभ्रक भष्म और सतवारी दिया जा सकता है।
  • चिकनगुनिया वायरस इन्फेक्शन को ख़त्म करने के लिए पिपली, तुलसी, भृंगराज, यष्टीमधुक, भूमीमालाकी, योगिराज गुग्गुल और सुदर्शन चूर्ण का प्रयोग किया जा सकता है।

चिकनगुनिया का होमियोपैथी इलाज
Homeopath practitioners होमियोपैथी की दवा Eupatorium perf चिकनगुनिया को प्रिवेंट करने में कारगर है। इसके आलावा इस रोग में – Pyroginum, Rhus-tox, Cedron, Influenzinum, China and Arnica जैसी दवाएं दी जाती हैं।

Caution: किसी भी दवा का सेवन करने से पहले डाक्टरी सलाह ले।

Source – Seth Govind Das Victoria Hospital jabalpur