महामारी से बचाव के चलते इंदौर में 6 महीने बाद खुलेंगे धर्मस्थल
इस ख़बर को शेयर करें

इंदौर : जिला प्रशासन ने पिछले छह महीने से बंद धर्मस्थलों को दोबारा खोलने के लिये सोमवार शाम इस शर्त के साथ मंजूरी दी कि श्रद्धालुओं को महामारी से बचाव के दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा. यह मंजूरी हालांकि ऐसे वक्त दी गयी है, जब जिले में कोविड-19 का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है.

जिलाधिकारी मनीष सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि धर्मस्थलों में हर श्रद्धालु को मास्क पहनना और शारीरिक दूरी के नियम का पालन करना अनिवार्य रहेगा. इसके साथ ही, मंदिरों के गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश की मनाही रहेगी.

अधिकारियों ने बताया कि प्रशासन ने शहर की प्रसिद्ध सर्राफा चाट-चौपाटी को दोबारा खोलने को भी मंजूरी दे दी है. हालांकि, महामारी के प्रकोप के मद्देनजर इस रात्रिकालीन चाट-चौपाटी की दुकानों में ग्राहकों को खाने-पीने की चीजें पहले की तरह परोसे जाने की अनुमति फिलहाल नही दी गयी है.

जिलाधिकारी के आदेश में कहा गया है कि ग्राहक सर्राफा चाट-चौपाटी से खाने-पीने की चीजें पैक कराते हुए अपने साथ ले जा सकेंगे. इंदौर, राज्य में कोविड-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है. आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंदौर जिले में अब तक महामारी के 23,075 मरीज मिले हैं. इनमें से 551 मरीजों की मौत हो चुकी है. जिले में कोविड-19 के प्रकोप की शुरूआत 24 मार्च से हुई, जब पहले चार मरीजों में इस महामारी की पुष्टि हुई थी.