“तुम्हारे पास एक विधायक है तो हमारे पास…….?100 विधायक फ़ोन करते है” सुनिए अमेठी के BSA राजकुमार पंडित की बदजुबानी

अमेठी ( जीतेन्द्र तिवारी )। अमेठी वैसे तो शिक्षा महकमा बुद्धिजीवियों का केंद्र माना जाता है शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मानिटरिंग और शिक्षकों द्वारा लिखाई पढ़ाई और अच्छे संस्कार देने से उनके द्वारा पढ़ाए गए छात्र देश विदेश में बड़ी-बड़ी सेवाओं आईएएस-आईपीएस शिक्षक इंजीनियर वैज्ञानिक आदि पदों पर नियुक्ति पाते हैं और देश की सेवा करते हैं लेकिन अमेठी में एक मामला प्रकाश में आया है किस तरह भ्रष्टाचार का दीमक शिक्षा विभाग को खाये जा रहा है

ताजा प्रकरण अभी हाल ही में सहायक समन्वयकों की भर्ती और जॉइनिंग को लेकर प्रकाश में आया है जिसमें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमेठी राजकुमार पंडित और अमेठी के एक एबीआरसी अविनाश शुक्ला का एक ऑडियो वायरल हुआ है ऑडियो को देखने से तो यही लगता है कि शिक्षा विभाग मां सरस्वती का मंदिर नहीं बल्की असभ्यता का प्रतीक है जब जिले का शिक्षा अधिकारी ही असभ्यता पूर्ण और भद्दी-भद्दी गालियों का प्रयोग करेगा तो शिक्षक समुदाय कितना अच्छा काम करेगा और उसका देश के नौनिहालों पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह तो समय ही बताएगा।

खंड शिक्षा अधिकारी को देख लेने तथा नौकरी से निकालने की धमकी का साथ – साथ विधायकों को भी दी जा रही है भद्दी-भद्दी गालियां। मामला एबीआरसी नियुक्तियों में जॉइनिंग का है।

सह समन्वयक अश्विनी शुक्ला जिन्हें BRC शाहगढ़ में नियुक्ति दी गयी है को BRC अमेठी में कार्यभार ग्रहण कराने हेतु , BRC अमेठी हेतु चयनित प्रदीप तिवारी पर दबाव बना रहे हैं कि वे अमेठी में कार्यभार ग्रहण न करें । माधवराज त्रिपाठी जी खण्ड शिक्षा अधिकारी गौरीगंज द्वारा प्रदीप तिवारी को अमेठी कार्यभार ग्रहण करने हेतु गौरीगंज से कार्यमुक्त कर देने पर तथा खण्ड शिक्षा अधिकारी अमेठी हरिनाथ सिंह जी द्वारा प्रदीप तिवारी को कार्यभार ग्रहण करा देने पर BSA द्वारा दी गयी दोनों अधिकारियों को भद्दी भद्दी गालियां । अविनाश शुक्ला और प्रदीप तिवारी को देख लेने की धमकी दी गई । विधायकों को कहा ……..। ये है लोकप्रिय सरकार के दुलारे BSA का आचरण ।

ताजा प्रकरण में ऑडियो सुनने से यह पता चलता है कि अमेठी के एबीआरसी अविनाश शुक्ला और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार के बीच हुई फोनिंग वार्ता में शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों और एबीआरसी को नौकरी से निकाल देने की धमकी दी है यही नहीं उन्होंने विधायकों के बारे में भी असम्मानजनक टिप्पणी की है शिक्षा विभाग में अराजकता और असभ्यता भ्रष्टाचार अपने चरम पर है यदि समय रहते नहीं चेता गया तो इसके दूरगामी दुष्परिणाम सामने आ सकते हैं।

इसी तरह बाजार शुक्ल के एबीआरसी रहे देवी शरण कनौजिया के स्थान पर राहुल पांडे जो कि निलंबित भी हैं और इनका एक इंक्रीमेंट भी रोका गया है को निफ्टी ही नहीं बल्कि इनकी जवानी करा दी गई है इस तरह के अध्यापकों की को एबीआरसी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति और एक अच्छा काम करने वाला व्यक्ति के स्थान पर किया जाए कहीं ना कहीं यह जरूर प्रश्न उठता है कि एबीआरसी नियुक्ति में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ है।