दिव्यांग कीर्ति ने कीर्तिमान स्थापित कर जिले का बढ़ाया मान, आईएएस बनने की है तमन्ना
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सतना | यदि मन में दृढ़ इच्छा शक्ति हो तो शारीरिक कमजोरी लक्ष्य पाने में बाधक नही बन सकती। सच्ची लगन व निष्ठा से प्रयास करने पर मंजिल अवश्य मिलती है। इसका जीता जागता उदाहरण है सतना नगर के संतनगर घूरडांग निवासी कु.कीर्ति कुशवाहा पुत्री कवि शंकर जो दोनों आंखों से 75 प्रतिशत जन्मजात दृष्टिबाधित है।

कीर्ति ने आर्थिक तंगी के बीच बिरला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में अध्ययनरत रहकर कक्षा बारहवीं (वाणिज्य संकाय) की परीक्षा में 500 में से 472 अंक प्राप्त कर प्रदेश की प्रावीण्य सूची में आठवां स्थान प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया।प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना-2020 अंतर्गत प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से कु.कीर्ति से चर्चा कर हालचाल एवं परिवार की आर्थिक स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। मुख्यमंत्री ने पूंछा कि भविष्य में क्या करने/बनने की इच्छा है।

कीर्ति ने बताया कि बीए करने के बाद वह आईएएस बनकर गरीबों की मदद करेगी। उसने बताया कि आगें की पढ़ाई में आर्थिक समस्या आड़े आ रही है। इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कीर्ति को आईएएस बनने तक कोचिंग एवं पढ़ाई का पूरा खर्चा सरकार उठायेगी।

साथ ही मुख्यमंत्री ने कलेक्टर सतना श्री अजय कटेसरिया को निर्देश दिए कि कीर्ति के आंखों का इलाज शंकर नेत्रालय चेन्नई में कराने की व्यवस्था करें। इलाज के दौरान कीर्ति की माता श्रीमती रश्मि कुशवाहा को भी साथ रखा जाए। मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि बिना सुविधा के पढ़ाई कर रोशन करने वाली कु.कीर्ति समेत अन्य प्रतिभावान दिव्यांग छात्र-छात्राएं समाज, प्रदेश एवं देश के रियल हीरो हैं।

कु.कीर्ति कुशवाहा ने बताया कि माता गृहणी हैं, पिता विद्युत मरम्मत कार्य की मजदूरी कर दो भाई एवं माता के उदर पोषण की व्यवस्था करते हैं। उच्च शिक्षा प्राप्त करने में गरीबी आड़े आ रही है। उसने बताया कि हर दिन छः-सात घंटे पढ़ाई कर घर से पैदल चलकर स्कूल पहुंचकर उसने बड़ी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है।

इस होनहार छात्रा ने बारहवीं के प्रदेश की टॉप टेन सूची मे आठवां स्थान प्राप्त किया। कीर्ति की दिव्यांगता पर आंसू बहाने वाला परिवार आज उनकी सफलता पर गदगद है। कीर्ति ने बताया कि परीक्षा परिणाम आने के बाद से प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलकर बात करना चाहती थी। उसकी यह तमन्ना आज पूरी हुई। प्रतिभाशाली विद्यार्थी योजना का लाभ एवं अपने चहेते मामा से रूबरू संवाद करने का दोहरा लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्यमंत्री से संवाद कर कीर्ति बेहद प्रसन्नचित होकर मुख्यमंत्री के प्रति भाव-विभोर होकर आभार व्यक्त किया।