क्या आपको मालूम है कि आपका स्मार्टफोन चुगलखोर है?

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आपका स्मार्टफोन पल-पल की जानकारी गूगल तक पहुंचाता है. आप जो भी एक्टिविटी करते हैं गूगल को उसकी खबर होती है. यहां तक कि आपकी फिजिकल एक्टिविटी की जानकारी भी स्मार्टफोन के जरिए फौरन गूगल तक पहुंच जाती है. सुनने और पढ़ने में जरूर अजीब लग सकता है, लेकिन ये एकदम सच है.

सेंसर की आप पर रहती है नजर
आप जो एंड्रॉयड स्मार्टफोन इस्तेमाल करते हैं, उनमें सेंसर्स लगे होते हैं. ये सेंसर्स आप की निगरानी करते हैं और आपके खड़े होने से लेकर, डेस्क पर काम करने और घूमने-फिरने तक की जानकारी गूगल तक पहुंचाते हैं.

आपके डिवाइस में यहां लगा रहता है सेंसर

आपका एंड्रॉयड स्मार्टफोन गूगल को आपकी हर एक्टिविटी की परमिशन देता है. इसे ‘एक्टिविटी रिकिग्निशन’ कहते हैं. इसे लेकर पिछले हफ्ते रेडिट पर काफी चर्चा भी हुई है. यहां कई यूजर्स का कहना है कि इसमें कोई नई बात नहीं है, लेकिन बस यूजर्स को इसकी जानकारी नहीं होती है. खुद गूगल भी मानता है कि ये एक्टिविटी रिकिग्निशन API सेंसर्स एंड्रॉयड डिवाइस में टॉप पर लगा होता है.

आप क्या कर रहे हैं गूगल जानता है
डिवाइस में लगे ये सेंसर्स इस बात पर नजर रखते हैं कि यूजर्स कब क्या कर रहा है? इन मल्टीपल सेंसर से निकलने वाले सिगनल्स यूजर्स की एक्टिविटी को मॉनीटराइज करते हैं. ये एक्टिविटी रिकिग्निशन ऑटोमैटिक ही सेंसर के डाटा को पढ़कर यूजर्स की एक्टिविटी डिटेक्ट कर लेते हैं. यहां तक कि एक्टिविटी रिकिग्निश डेवलपर को ये भी बता देते हैं कि आपने फोन को कहां रखा है? आपका फोन मूव कर रहा है या चार्ज हो रहा है. यहां तक की यूजर्स फोन को जेब में रखकर दौड़ रहा है या फोन कार में रखा है. गूगल को हर बात की खबर रहती है.