डॉ कफील पर गिरी योगी की गाज, पद से हटाकर बोले- गलती तुम्हारी और फोटो खिंचाते रहे !

रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत के बाद दौरा किया. सीएम के निरीक्षण के फौरन बाद अस्पताल के सुपरिंटेंडेट और वाइस प्रिंसिपल डॉक्टर कफील खान को हटा दिया गया है. उनके पास ही इंसेफेलाइटिस विभाग की जिम्मेदारी थी, जिसमें बच्चों की मौतें हुईं.

शनिवार को सोशल मीडिया में ये खबरें आई थीं कि कफील खान ने अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने के बाद उसके इंतजाम की हर मुमकिन कोशिश की. दावा किया गया कि कफील खान ने अपनी जेब से पैसा खर्च अस्पताल में गैस का इंतजाम कराया. साथ ही अपनी पहचान के डॉक्टरों से भी ऑक्सीजन का इंतजाम कराने के लिए मदद ली. लेकिन अब उनका स्याह पहलू भी उजागर हुआ है. पता चला है कि संकट के दिन चंद सिलेंडर लाकर फोटो खिंचाकर प्रायोजित रूप से हीरो बने. जबकि संकट पैदा करने में काफी हद तक उनकी और प्राचार्य की नीतियां जिम्मेदार रहीं.

खबर है कि जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मेडिकल कॉलेज पहुंचे तो उन्होंने बंद कमरे में पूरे स्टाफ की क्लास लगाई. सीएम ने डॉ पूर्णिमा से पूछा कि एक दिन में कितने सिलेंडर की जरूरत होती है तो उन्होंने बताया कि 21. इसके बाद सीएम ने कफील से सवाल किया कि जब 21 सिलेंडर की जरूरत होती है तो फिर तीन सिलेंडर की व्यवस्था करके मीडिया में हीरो बनने चले गए. सूत्र बताते हैं कि योगी ने फटकारते हुए कहा कि, ‘अगर आप लोग जिम्मेदारी से काम किए होते तो ऐसी नौबत ही नहीं आती. एक तो खुद संकट पैदा किया और फिर सिलेंडर की फोटो खिंचाकर हीरो बनने की कोशिश की.’

सूत्र बता रहे हैं कि बंद कमरे में स्टाफ ने योगी को बताया कि प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा ने डॉ. कफील को परचेज कमेटी की जिम्मेदारी सौंप रखी है. इसके बाद आक्सीजन सिलेंडर कॉलेज के पैसे से खरीदा जाता रहा, और कफील उस सिलेंडर को अपने प्राइवेट हास्पिटल में इस्तेमाल करते रहे. जाहिर है, अगर इनके स्तर से भ्रष्टाचार नहीं हुआ होता तो शायद बच्चों को असमय काल के गाल में न समाना पड़ता.

एक डॉक्टर ने मुख्यमंत्री को बताया कि जब पूरा स्टाफ मौत से जूझ रहे बच्चों की जिंदगी बचाने में जुटा था, उस वक्त डॉ. कफील वार्ड की जगह बाहर कैंपस में बच्चों को चेक कर रहे थे. वो वहीं मीडिया वालों से बात करने में बिजी थे. मकसद था हीरो बनने का. आखिरकार उन्होंने अपने बारे में झूठी खबरें प्लांट करके खुद को पूरे वाकये का हीरो बनवा ही लिया. लेकिन अब जबकि सारा सच सीएम के सामने आ गया, तो उनकी हीरोगीरी निकालने की शुरुआत हो गई है.