डॉ. कलाम के जीवन की 10 ख़ास बातें

भारत के मिसाइल मैन के नाम से पहचाने जाने वाले डॉ कलाम ने कड़ी मेहनत ईमानदारी और सादगी की जिंदगी जी है जिससे लाखों लोगों को प्रेरणा मिलती है। भारत के मिसाइल विकास के प्रयासों में अपनी भागीदारी के लिए अवुल पाकिर जैनुलबदीन अब्दुल कलाम पूरे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में मशहूर है। विज्ञान और परमाणु प्रौधोगिकी में उनके योगदान के लिए उन्हें दुनिया भर से प्रशंसा प्राप्त हुई है। विज्ञान के अलावा, साहित्य, भाषा और दर्शन कुछ ऐसे क्षेत्र है जिनमें कलाम ने अपनी महत्वपूर्ण छाप छोड़ी है। वह संगीत के भी पारखी थे।

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हालांकि, देश के लिए उनका सबसे बड़ा योगदान उस व्यक्ति के रुप में है जिसने देश की नई पीढ़ियों को सपने देखना और बड़े सपने देखना सिखाया। दुनिया भर के विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने से लेकर एमटीवी यूथ आइकन के रूप में नामित किए जाने तक कलाम एक सक्षम इंसान, एक शानदार व्यक्तित्व थे। भारत के 11वें राष्ट्रपति के बारे में ये दस खास बातें आप जरुर जानना चाहेंगे।

  1. राष्ट्रपति कलाम ने उनकी 8 साल की उम्र में पहली मजदूरी कमाई। जब वह अपने पड़ोस में अखबार बेचा करते थे।
  2. कलाम ब्रह्माण्ड विज्ञान और खगोलीय पिंडों पर आधारित पुस्तकों के बड़े ही शौकीन पाठक था।
  3. वह एक लड़ाकू पायलट बनने का सपना देखा करते थे। भारतीय वायु सेना की चयन परीक्षा में उन्हें नौवां स्थान प्राप्त हुआ था लेकिन केवल आठ स्लॉट ही उपलब्ध होने की वजह से वह इस सपने को पूरा नहीं कर पाए।
  4. डॉ. कलाम ने अपने कैरियर की शुरुआत रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) से की थी जहां उन्होंने भारतीय सेना के लिए एक छोटा हेलीकाप्टर डिज़ाइन किया था।
  5. डॉ कलाम ने 48 विश्वविद्यालयों से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की जिनमें एडिनबर्ग विश्वविद्यालय और कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय शामिल है।
  6. जब उन्होंने 2001 में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के पद से इस्तीफा दिया था तब डॉ कलाम ने अपने लिए एक लक्ष्य स्थापित करने की घोषणा की थी। जिसके अनुसार वह स्वयं के प्रयास से देश भर में एक लाख छात्रों के साथ बातचीत करके उन्हें उनके सपनों को साकार करने में मदद करेंगे।
  7. जब वह 70 साल की उम्र में थे तो डॉ कलाम को एमटीवी यूथ आइकन के लिए दो बार नामांकित किया गया था। एक बार वर्ष 2003 में और फिर साल 2006 में।
  8. वह एक भावुक लेखक थे और अपने जीवनकाल में उन्होंने 18 किताबें, 22 कविताएं और 4 गाने लिखें हैं।
  9. डॉ कलाम को 1997 में डॉ जाकिर हुसैन और डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के साथ भारत रत्न पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था। राष्ट्रपति पद पर नियुक्त होने से पहले यह पुरस्कार प्राप्त करने वाले वह भारत के तीसरे राष्ट्रपति बनें।
  10. 2015 में डॉ कलाम की मृत्यु के बाद उनकी पुस्तकों के संग्रह के अलावा उनके नाम से कोई अन्य संपत्ति नहीं थी।