जरुरत से ज्यादा पानी पीते हैं तो हो जाएं सतर्क

आपने अक्सर सुना होगा कि पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। एक्सपर्ट्स भी कहते हैं कि दिन भर में हमें कम से कम 2 लीटर पानी पीना ही चाहिए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि तय सीमा से अधिक पानी पीने से हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है। यह जानना इसलिए बेहद ज़रूरी है कि कई बार अच्छे स्वास्थ्य के चक्कर में हम में से कई लोग अधिक पानी पीने लगते हैं, हमें लगता है कि यह फ़ायदेमंद है।

लेकिन ज़रा रुकिए , इस आर्टिकल में हम आपको आगे जो बताने जा रहे हैं उसे पढ़ने के बाद आप भी ज़बरदस्ती और मात्रा से अधिक पानी पीना बंद कर देंगे। दरअसल, तय सीमा से अधिक पानी पीना हमारे स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालता है। तय मानक से अधिक पानी पीने से शरीर में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स की संख्या में एकदम से परिवर्तन आने लगते हैं, जो हमारे शरीर के अंगों जैसे किडनी, दिल पर बुरा असर डालते हैं।

शरीर देता है यह संकेत
डॉक्टर आरपी.पटेल के मुताबिक, यदि आपको प्यास नहीं लगी है बावजूद इसके आप पानी पी रहे हैं तो ज़रा ठहरिए। ऐसा करने से आप ओवरहाइड्रेट हो सकते हैं और यह आपके शरीर में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स की संख्या को इमबैलेंस कर सकता है। इसके फलस्वरूप,शरीर में पोटेशियम, सोडियम और मैग्नीशियम की मात्रा पर विपरीत पड़ता है और यही धीरे-धीरे आपके किडनी और हार्ट को नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है। ज़्यादा पानी पीने का मतलब साफ़ है कि आपके शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की संख्या घटेगी जिसके चलते विभिन्न अंगों पर इसका विपरीत असर पड़ेगा।

पेशाब का रंग
यदि आपको लगता है कि कलरलैस पेशाब होना आपके स्वास्थ्य के लिए बेहतर है तो यह एक भ्रम है। पेशाब का रंग यदि अत्यधिक पीला है तो वह डीहाइड्रेशन की निशानी है, वहीँ यदि पेशाब का रंग पानी की तरह मसलन कलरलैस है तो इसका मतलब हुआ कि आप ओवरहाइड्रेटेड हैं जो कि एक गंभीर परिस्थिति है। एक स्वस्थ व्यक्ति की पेशाब का रंग ना ज्यादा पीला होना चाहिए और ना ही एकदम सफ़ेद।

बार-बार पेशाब का आना
यदि आप दिन भर में 6-7 बार पेशाब जाते हैं तो यह नार्मल है लेकिन यदि यह संख्या बढ़कर 10-12 है तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। इसके ही साथ कई दफा ऐसा भी होता है कि लोग रात में भी एक दो बार उठकर पेशाब जाते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा ही कुछ है तो तत्काल पानी पीने की मात्रा पर ध्यान दें। एक्सपर्ट्स के अनुसार ऐसे लक्षण यह संकेत देते हैं कि आप ओवरहाइड्रेटेड हैं।

किडनी पर असर
अत्यधिक पानी पीना का सबसे ज्यादा असर हमारी किडनी पर पड़ता है। याद रखें आप जितना अधिक पानी पियेंगे आपकी किडनी को उतना ही अधिक काम करना पड़ेगा। इसके मायने यह हुए कि शरीर की सफाई करने वाली किडनी, जो कि हमारे लिए एक फ़िल्टर का भी काम करती है, उस पर अधिक लोड पड़ेगा और नार्मल शरीर की तुलना में किडनी को अधिक सफाई का काम करना पड़ेगा।ऐसे में इसके खराब होने के चांसेज बढ़ते हैं।

सूजन की दिक्कत
क्या आप जानते हैं ज्यादा पानी पीने के कारण शरीर में सूजन आ सकती है ? जी हां, ऐसा इसलिए होता है कि ज्यादा पानी पीने से बॉडी में सोडियम की मात्रा कम हो जाती है। शरीर में सोडियम कम होने से ना सिर्फ सूजन, बल्कि मोटापे की दिक्कत का सामना भी करना पड़ सकता है। शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी के चलते ऐसा होता है। एक्सपर्ट की मानें तो बॉडी में सोडियम की कमी के कारण हड्डियों पर भी इसका विपरीत असर पड़ता है और यह कमज़ोर होने लगती है। इसलिए यदि आप ज़रुरत से अधिक पानी पी रहे हैं तो आज से ही सतर्क हो जाइए।