डकवर्थ लुईस पद्धति क्या है ?

डकवर्थ लुईस पद्धति वर्तमान समय में क्रिकेट का खेल विश्व के कई देशों में बहुत लोकप्रिय हो चुका है और दर्शक विभिन्न माध्यमों के द्वारा इस खेल का आनन्द उठाते है। लेकिन कई बार क्रिकेट के खेल में वर्षा के कारण उत्पन्न व्यवधान इस आनंद में कमी ला देता है। वर्षा से प्रभावित एकदिवसीय एवं टी-20 मैचों में नतीजे प्राप्त करने के लिए एक नियम का इस्तेमाल किया जाता है, जिसे डकवर्थ लुईस नियम कहते है।

इस लेख में हम डकवर्थ लुईस नियम और क्रिकेट में इसके इस्तेमाल के तरीके का विस्तृत विवरण दे रहे है। डकवर्थ लुईस नियम के आविष्कारक डकवर्थ लुईस नियम का अविष्कार सांख्यिकी विशेषज्ञ फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने किया था, जिनके नाम पर इसे डकवर्थ लुईस नियम कहा जाता है।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहली बार डकवर्थ लुईस नियम का इस्तेमाल 1996-97 में जिम्बाब्वे-इंग्लैंडके बीच हुए मैच में किया था। इस मैच में जिम्बाब्वे की टीम डकवर्थ लुईस नियम के तहत 7 रन से विजयी हुई थी। आईसीसी द्वारा आधिकारिक रूप से 1999 ईस्वीमें वर्षा से प्रभावित एकदिवसीय मैचों में लक्ष्य निर्धारित करने के लिए डकवर्थ लुईस नियम को मान्यता दी गई थी।

नवम्बर 2014 में फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस की सेवानिवृत्ति के बाद स्टीव स्टर्न को डकवर्थ लुईस नियम का संरक्षक नियुक्त किया गया था और इस नियम का नाम बदलकर डकवर्थ लुईस स्टर्न नियमकर दिया गया। डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम को इस्तेमाल करने का तरीकाडकवर्थ लुईस स्टर्न नियम के अनुसार क्रिकेट के खेल में दोनों टीमों के पास अधिक-से-अधिक रन बनाने के लिए दो साधन मौजूद होते हैं- कुल बचे हुए ओवर और बाकी बचे हुए विकेट।

मैच के किसी भी मोड़ पर टीमों की रन बनाने की क्षमता इन्हीं दोनों साधनों पर निर्भर करती है। इसके आधार पर फ्रैंक डकवर्थ और टोनी लुईस ने एक सूची तैयार की है जिससे यह पता चलता है कि मैच के अलग-अलग पड़ावों पर बल्लेबाजी कर रही टीम के पास कितने प्रतिशत साधन बाकी हैं।

डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम की सूची
इस सूची को देखने पर स्पष्ट रूप से पता चलता है कि पारी शुरू होने के समय जब पूरे 50 ओवर और 10 विकेट आउट होने बाकी होते हैं तो रन बनाने के साधन भी 100 प्रतिशत होते हैं। इसके बाद जैसे-जैसे टीम अपने ओवर इस्तेमाल करती जाती है और विकेट खोती जाती है, उसके साधन भी उसी हिसाब से कम होते जाते हैं।

यदि कोई टीम मैच में 20 ओवर खेल चुकी है और उसके 30 ओवर बाकी हैं, साथ ही उसके 2 विकेट भी गिर चुके हैं, तो ऐसी स्थिति में उस टीम के पास 67.3 प्रतिशत साधन बचेंगे।

अब इस स्थिति में बारिश हो जाती है और दोबारा खेल शुरू होने तक 10 ओवरों का समय बर्बाद हो जाता है। इसका मतलब अब उस टीम के पास केवल 20 ओवर बाकी हैं और उसने 2 विकेट खोए हैं तो सूची के हिसाब से इस स्थिति उस टीम के पास 52.4 प्रतिशत साधन बचेंगे।

अब इस टीम ने कितने साधन खोए हैं, इसका पता लगाने के लिए पहले यह देखतें हैं कि जब बारिश शुरू हुई थी तब उसके पास कितने साधन बाकी थे और जब खेल दोबारा शुरू हुआ तब उसके पास कितने साधन हैं।

उपरोक्त मामले में जब बारिश शुरू हुई थी, तब 67.3 प्रतिशत साधन बचे हुए थे और जब खेल दोबारा शुरू हुआ तब 52.4 प्रतिशत साधन बचे हुए हैं।

अर्थात टीम को 67.3 – 52.4 = 14.9 प्रतिशत साधनों का नुकसान हुआ।

चूंकि टीम को कुल 100 प्रतिशत साधन मिलने थे जिसमें से 14.2 प्रतिशत बर्बाद हो गए हैं अर्थात इस टीम ने 100 – 14.2 = 85.8 प्रतिशत साधन इस्तेमाल किए हैं।

अब दोनों टीमों के साथ न्याय हो इसके लिए यह आवश्यक है कि उन्हें बराबर साधन मिलने चाहिए। इसके लिए यदि बारिश बाद में बल्लेबाजी कर रही टीम को प्रभावित करती है तो उपरोक्त नियम के तहत उसके लक्ष्य को घटाया जाता है और यदि बारिश पहले खेल रही टीम को परेशान करती है तो उसके लक्ष्य को बढ़ाया जाता है।

नीचे दिए गए तीन उदाहरणों के मध्यम से आप डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम को आसानी से समझ जाएंगे:-

उदाहरण 1. अगर बारिश बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को प्रभावित करती है और आगे मैच नहीं हो पाता है
माना कि पहली टीम ने 50 ओवर में 300 रन बनाए और दूसरी टीम बारिश आने तक 40 ओवर में 5 विकेट खोकर 250 रन बना चुकी है। इसके बाद मैच में कोई खेल नहीं हो पाता है। अतः मैच के विजेता का पता लगाने के लिए डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम को अपनाया जाएगा।

पहली टीम ने अपने पूरे 50 ओवर खेले अर्थात उसने पूरे 100 प्रतिशत साधन का इस्तेमाल किया। दूसरी टीम के पास भी पारी की शुरूआत में 100 प्रतिशत साधन थे। 40 ओवर के बाद दूसरी टीम के पास 10 ओवर बचे हैं और उसने 5 विकेट खोए हैं।

डकवर्थ लुईस स्टर्न सूची के अनुसार इस स्थिति में बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम के पास 26.1 प्रतिशत साधन बचे हुए हैं। चूंकि आगे का पूरा खेल अब रद्द हो गया है अर्थात बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को पूरे 26.1 प्रतिशत साधनों का नुकसान हुआ है।

अर्थात उसने 100 – 26.1 = 73.9 प्रतिशत साधन का इस्तेमाल किया।

चूंकि दूसरी टीम को पहली टीम के मुक़ाबले कम साधन मिले इसलिए दूसरी टीम के लक्ष्य को भी साधनों के अनुपात में घटाना होगा।

पहली टीम ने 300 रन बनाए थे अर्थात अब दूसरी टीम का लक्ष्य 300 x 73.9 / 100 = 221.7 रन होगा।

चूंकि दूसरी टीम को जीत के लिए 222 रन चाहिए थे, लेकिन वह पहले ही 250 रन बना चुकी है, इस प्रकार डकवर्थ लुईस स्टर्न नियम के तहत दूसरी टीम 28 रन से इस मैच की विजेता बनी।

उदाहरण 2. अगर बारिश बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम को प्रभावित करती है और कुछ समय बाद मैच फिर शुरू होता है। उदाहरण 1 में वर्णित मैच में माना कि बारिश रूक जाती है और 5 ओवरों का समय बर्बाद हो जाता है। चूंकि जब बारिश शुरू हुई थी तब दूसरी टीम ने 40 ओवर में 5 विकेट पर 250 रन बनाए थे अर्थात उसके पास 10 ओवर बचे थे और डकवर्थ लुईस स्टर्न सूची के अनुसार उस समय उसके पास 26.1 प्रतिशत साधन बचे हुए थे। खेल दोबारा शुरू होने पर अब उसके पास 5 ओवर और 5 विकेट बाकी हैं अर्थात उसके पास 15.4 प्रतिशत साधन बचे हुए हैं।

इसका मतलब है कि दूसरी टीम को 26.1 – 15.4 = 10.7 प्रतिशत साधनों का नुकसान हुआ और उसे कुल 100 – 10.7 = 89.3 प्रतिशत साधन मिल रहे हैं।

इस प्रकार पुनः एक बार दूसरी टीम को पहली टीम के मुकाबले कम साधन मिल रहे हैं इसलिए दूसरी टीम के लक्ष्य को घटाना होगा और उसका नया लक्ष्य 300 x 89.3 / 100 = 267.9 रन होगा।

अतः दूसरी टीम को जीत के लिए अब 268 रन बनाने होंगे। चूंकि वह 5 विकेट खोकर 250 रन बना चुकी है इसलिए अब 5 ओवर में उसे 268 – 250 = 18 रन बनाने होंगे।

उदाहरण 3. अगर बारिश पहले बल्लेबाज़ी करने वाली टीम को प्रभावित करती हैमाना कि पहले खेलने वाली टीम 40 ओवर बाद 7 विकेट पर 200 रन बना चुकी है और बारिश आ जाती है, जिसके कारण समय की बर्बादी होती है और पहली टीम की पारी को इसी स्कोर पर समाप्त कर दिया जाता है। अब दूसरी टीम को भी इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए 40 ओवर ही दिए जाएंगे लेकिन उनका लक्ष्य नया होगा।

डकवर्थ लुईस सूची के हिसाब से जब पहली टीम की पारी खत्म हुई तब उसके पास 17.9 प्रतिशत साधन बचे हुए थे अर्थात उसने 100 – 17.9 = कुल 82.1 साधन का इस्तेमाल किया।

अब दूसरी टीम को भी 40 ओवर ही मिल रहे हैं जबकि उसे भी 50 ओवर मिलने चाहिए थे अर्थात उसे भी शुरू से ही 10 ओवर का नुकसान हो रहा है।

डकवर्थ लुईस सूची के अनुसार दूसरी टीम के पास 40 ओवर हैं और उसने कोई विकेट नहीं खोया है अर्थात उसे 89.3 प्रतिशत साधन मिल रहे हैं।

अर्थात उसे पहली टीम के मुकाबले 89.3 – 82.1 = 7.2 प्रतिशत ज्यादा साधन मिल रहे हैं इसलिए उसका लक्ष्य भी 7.2 प्रतिशत बढ़ाना होगा।

आईसीसी के नए नियमों के हिसाब से 50 ओवर के एक वनडे मैच का औसत स्कोर 225 होता है।
अतः दूसरी टीम को अब 200 + 225 का 7.2 प्रतिशत अर्थात 200 + 16.2 = 216.2 = 217 रन बनाने होंगे।