देश भर में मनाया गया बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक दशहरा

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देश भर में आज मनाया गई असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयादशमी, तमाम शहरों में जले रावण के पुतले, दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी ने किया रावण दहन, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रहे मौजूद। आज देशभर में दशहरा का पर्व पूरे धूमधाम से मनाया गया। दशहरा और विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व है। इस मौके पर आज देश भर की रामलीलाओं में अधर्म के प्रतीक रावण के पूतले का दहन हुआ।

दिल्ली की एक प्रमुख रामलीला में रावण दहन के लिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पहुंचे। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दशहरे की शुभकामनाएं दी और प्रधानमंत्री ने तीर चलाकर रावण, कुभकरण और मेघनाथ के पूतलों का दहन किया। राजघानी दिल्ली की रामलीला में रावण वध देखने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहुंचे । सबने भगवान राम को तिलक लगाकर उनकी आरती की । बाद में रावण दहन का कार्यक्रम संपन्न हुआ ।

सत्य की जीत के प्रतीक दशहरे के दिन ही भगवान राम ने लंकापति रावण का वध कर देवी सीता को उसके बंधन से मुक्त किया था। इस दिन रावण का पुतला जलाकार लोग जश्न मनाते हैं। कार्यक्रम में मेधनाथ और कुंभकर्ण के विशालकाय पुतले भी फूंके गए । जैसे ही इन पुतलों में आग लगी ये धूं धूं कर जले उठे ।

राजधानी की ही बाकी रामलीलाओं में भी रावण दहन हुआ। दशहरा शारदीय नवरात्रि के 9 दिन बाद दशमी को मनाया जाता है। राजधानी में इस त्योहार को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए। लखनऊ में भी विजयादशमी के मौके पर रावण दहन हुआ ।

इस मौके पर 121 फीट ऊंचे रावण का पुतला जलाया गया। देश के बाकी हिस्सों में भी विजयादशमी का त्‍योहार मनाया जा रहा है। पटना, बनारस, इलाहाबाद, भोपाल, जयपुर , चंडीगढ , लुधियाना समेत कई जगहों पर रामलीला मंचन के दौरान राम रावण युद्ध के बाद रावण के पुतले का दहन हुआ

वहीं मैसूर में दशहरा जोशोखरोश से मनाया गया। दस दिनों तक चलने वाले दशहरे के समारोह का समापन विजयादशमी के साथ हुआ । इस मौके पर मैसूर पैलेस से हाथियों का भव्य जुलुस निकाला जिसे देखने के लिए बडी संख्या में लोग पहुंचे ।

मैसूर का दशहरा अन्य दशहरों से अलग है क्योंकि यहां न राम होते हैं और न ही रावण का पुतला जलाया जाता है। बल्कि देवी चामुंडा के राक्षस महिसासुर का वध करने पर धूमधाम से दशहरा मनाया जाता है। दशहरा ऐसा पर्व है जिस दिन बुराइयों का अंत हुआ था और सत्य की जीत दर्ज हुई थी। इसलिए यह त्योहार हमारे लिए काफी महत्व रखता है ।