मुख्य न्यायाधीश की उपस्थिति में संपन्न हुआ 6 मध्यस्थता केन्द्रों का ई-उद्घाटन कार्यक्रम

जबलपुर । उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधिपति एवं मुख्य संरक्षक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ए.के. मित्तल तथा न्यायमूर्ति एवं कार्यपालक अध्यक्ष राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण संजय यादव तथा अन्य न्यायमूर्तिगणों की गरिमामयी उपस्थिति में आज दोपहर 1.15 बजे जिला सिंगरौली में 01 एडीआर सेंटर सहित अलीराजपुर, गुना, होशंगाबाद तथा सीहोर जिले की तहसील विधिक सेवा समितियों में नवनिर्मित 06 मध्यस्थता केन्द्रों  का ई-उद्घाटन किया गया है।

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति श्री अरूण मिश्रा, न्यायमूर्ति श्री ए.एम. खानविलकर एवं न्यायमूर्ति श्री हेमंत गुप्ता ने इस अवसर पर वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी शुभकामनायें दीं। प्रदेश में अभी तक 43 ए.डी.आर. सेंटर, 39 तहसील मीडिएशन सेंटर इस प्रकार कुल 82 ए.डी.आर. एवं मीडिएशन सेंटर स्थांपित हो चुके है।

इस महत्वपूर्ण कदम से समाज में सामंजस्य एवं सौहार्द्रपूर्ण ढंग से मामलों के निपटारों का मार्ग प्रशस्त होगा। मध्यस्थता नि:शुल्क प्रक्रिया है, जिसमें किसी पक्ष की हार नही होती है और मध्यस्थ‍ता समाधान से जो सुलह अनुबंध पक्षकारों के मध्य पक्षकारों द्वारा रचित होता है, उसे अंतिमता प्राप्त होती है। मध्यस्थता के माध्यम से अब तक एक लाख 31 हजार 904 प्रकरणों को निराकरण हुआ है।

तहसील स्तर पर मध्यस्थता केन्द्रों के लोकार्पण व उद्घाटन से प्रदेश के दूरस्थ स्थानों तक प्रकरणों का निराकरण मध्यस्थता के माध्यम से संभव होगा, जिससे समय व संसाधन की बचत व विवादों की कमी के साथ-साथ समाज में सौहार्दपूर्ण सामंजस्यों का वातावरण निर्मित होगा।